इंदौर। बीफार्म स्टूडेंट के सुसाइड केस में रिश्वत व ब्लैकमेल का मामला, परिवार के लिए बयान, महिला टीआई व एसआई पर आरोप; 45 हजार रुपये वसूले – देखे VIDEO

आठ दिन पहले मंगलवार की रात बीफार्म स्टूडेंट गौरव हाड़ा ने घर में फांसी लगाकर सुसाइड करने के केस में पुलिस ने सोमवार को परिवार के बयान लिए। महिला अपराध की एडिशनल डीसीपी के ऑफिस में करीब 4 घंटे तक बारी-बारी से पिता, चचेरे भाई, बहन के बयान दर्ज कराए। उन्होंने इंग्लिश टीचर, उसकी मां और महिला थाना की टीआई और एसआई पर ब्लैकमेल और दबाव बनाने के आरोप लगाए।

पिता और परिवार ने यह पुलिस के सामने आरोप लगाए कि महिला थाने की टीआई और कार्यवाहक एसआई ने एफआईआर दर्ज न करने के बदले 3 लाख की मांग की और 45 हजार वसूले। महिला टीआई कौशल्या चौहान पूरे मामले को निराधार बता चुकी हैं।

अब इस मामले में महिला अपराध शाखा के अफसरों के सामने अब आरोप लगने वाली महिला टीआई कौशल्या चौहान और कार्यवाहक एसआई गौरी तिवारी के बयान भी होना है। दोनों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। कार्यवाहक एसआई गौरी तिवारी को हटाकर अभी मल्हारगंज थाने में पोस्टिंग की जा चुकी है।

इससे पहले बाणगंगा पुलिस ने गुरुवार को केस दर्ज कर मां-बेटी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी है। वे फिलहाल जेल में है।

निजी कोचिंग की इंग्लिश टीचर से परेशान होकर गौरव हाडा ने अपने घर में फांसी लगा ली थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि टीचर बेटे से पैसों की डिमांड़ कर रही थी।

चार घंटे तक पूछताछ, चचेरे भाई ने बोला मैंने दिए 45 हजार

पुलिस ने सोमवार को दोपहर 12 बजे से तीनों के अलग-अलग बयान किए। करीब 4 घंटे तक उनसे पूछताछ की गई। बंद कमरे में सबसे पहले गौरव के पिता राजू हाड़ा के बयान लिए गए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा बच जाता, अगर महिला थाने में मौजूद पुलिसकर्मी हमारे पास मौजूद सबूतों को देख लेतीं।

लेकिन तब पुलिस ने उनके बेटे को ही गलत ठहराते हुए कार्रवाई की और समझौते के लिए हम पर दबाव बनाया। हमने कोर्ट में भी आरोपी मां-बेटी की झूठी शिकायत के सबंध में शिकायत की थी। लेकिन तब हमारे मामले में जांच नहीं की गई।

पुलिस ने गौरव की बहन से पूछताछ में उस दिन के पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उससे पूछा गया कि गौरव ने आखिरी बार तुम्हें कुछ बताया था या उसके पहले तुम्हें इस प्रकरण से संबंध में कोई जानकारी थी।

गौरव के चचेरे भाई गोलू ने बताया कि महिला थाने की केबिन के अंदर एक महिला बैठी थी। जिसकी वर्दी पर तीन स्टार लगे हुए थे। उसी केबिन में बुलाकर कार्यवाहक एसआई गौरी तिवारी ने उससे रुपए लिये थे। मैंने पेंमेट गौरी तिवारी के हाथ में दिया था। वह केबिन में भी काफी डांट डपट कर रही थी। उन्होंने गौरव पर समझौते को लेकर दबाव बनाया।

घटना के बाद स्टूडेंट के पिता ने पुलिस पर लापरवाही करने और बेटे पर फर्जी केस के नाम पर दबाब बनाने का आरोप लगाया था।

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