
इंदौर में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से पंढरीनाथ निवासी 10 साल का मासूम झुलस गया। वह अपने दादा-दादी के यहां आया हुआ था। बताया जाता है कि वह खिड़की में गुरुवार को तिरंगा झंडा लगा रहा था। इस दौरान वह नजदीक से जा रही हाईटेंशन लाइन से झुलस गया। उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बिजली कंपनी लाईन मैन और संबंधित मीटर रीडर पर केस दर्ज किया है। बताया जाता है कि बच्चे के दादा पूर्व में भी इस मामले में शिकायत कर चुके थे।
पंढरीनाथ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 10 साल का बच्चा मोहम्मद अरशान देहलवी हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस गया। वह अपने दादा युसूफ देहलवी के घर पर तिरंगा झंडा लगा रहा था। पिता असलम देहलवी सनावद में जज हैं। उन्होंने बताया कि मां रजिया का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। इसलिए वे परिवार के साथ इंदौर आए थे।
उनके घर की दूसरी मंजिल के सामने से बिजली की लाइन डाली गई है। जो गैलरी से 5 फीट की दूरी पर है। इसे बिजली कंपनी ने प्लास्टिक पाईप से कवर नहीं किया है। इसे लेकर उनके पिता ने कई बार सुभाष चौक जोन के अफसर अंकुर गोयल से शिकायत कर चुके हैं। वहीं मीटर रीडिंग वाले कर्मचरी को भी कहा। लेकिन किसी ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।
15 अगस्त की शाम को बेटा अरशान दूसरी मंजिल की गैलरी में तिरंगा लगा रहा था। तब वह लाइन की चपेट में आ गया और उसे करंट का झटका लगा। इससे उसके दोनों हाथ और पेट जल गए। उसकी आवाज सुनकर चाचा और मामू का बेटा वहां पहुंचे। इसके बाद अरशान को निजी अस्पताल ले गए। यहां आईसीयू में उसका उपचार चल रहा है। बच्चे के पिता असलम ने बिजली कंपनी के अफसरों पर जान बूझकर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।