
भोपाल. मध्यप्रदेश की रियल स्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी यानी रेरा के चेयरमैन व पूर्व आईएएस अधिकारी एपी श्रीवास्तव विवादों में घिर गए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू ने बुधवार, 28 अगस्त को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। उन पर पद के दुरुपयोग का आरोप है। ईओडब्ल्यू एसपी राजेश मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है।
ईओडब्ल्यू ने दर्ज की प्राथमिकी
दरअसल, पिछले कुछ समय से रेरा चेयरमैन व पूर्व आईएएस अधिकारी श्रीवास्तव चर्चा में बने हुए हैं। अब प्रभाष जेटली की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर रेरा में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी करने का आरोप है। साथ ही आकृति बिल्डर्स के मामलों को रद्द करने पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि अभी ये आरोप हैं। इसी आधार पर ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज की है। जांच के बाद आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी।
यह हैं आरोप
एपी श्रीवास्तव के खिलाफ प्रभाष जेटली ने शिकायत की है। इसमें उन्होंने मिश्रा पर रेरा में नियुक्तियों में गड़बड़ी के साथ आकृति ग्रुप के बिल्डर के खिलाफ चल रही जांच के बीच उससे आवासीय भूखंड खरीदने का आरोप लगाया है।
आकृति वाला मामला समझ लीजिए
आरोप है कि आकृति डेवलिंक्स प्राइवेट लिमिटेड के आकृति गार्डन्स प्रोजेक्ट में एपी श्रीवास्तव और उनकी पत्नी नीति श्रीवास्तव द्वारा आवासीय भूखण्ड नं. बी-168 लिया गया। इसके साथ रेरा अध्यक्ष की हैसियत से श्रीवास्तव ने आकृति डेवलिंक्स के सभी प्रोजेक्ट को रद्ध कर दिया, जबकि न्यायिक प्रक्रिया की सूचिता को देखते हुए श्रीवास्तव को आकृति डेवलिंक्स के प्रोजेक्ट को रेरा अध्यक्ष की हैसियत से सुनवाई नहीं करनी थी।
इधर… बिना विज्ञापन निकाले भर्ती करने का आरोप
शिकायत के अनुसार रेरा में कई पदों पर भर्ती की गई हैं। इसमें एक न्याय निर्णय अधिकारी के स्वीकृत दो पदों में से एक पद का विज्ञापन निकाला गया, जबकि एक पद को बिना विज्ञापन के भर दिया गया। वहीं, संविदा नियुक्ति के अनुसार 65 वर्ष से अधिक उम्र के ऊपर भर्ती नहीं की जा सकती। इसके उलट मिश्रा ने नियमों के विरुद्ध जाकर 65 वर्ष से अधिक उम्र पर भी नियुक्त कर दी।