
भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में घोटाला मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने भोपाल में दो ठिकानों, नर्मदापुरम के पिपरिया और सोहागपुर में 5 ठिकानों पर रेड की है। भोपाल में यूनिवर्सिटी के निलंबित रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार, एक्सिस बैंक पिपरिया के तत्कालीन मैनेजर राम रघुवंशी, दलित संघ सोहागपुर के सचिव रतन उमरे और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापामार करवाई की जा रही है।
भोपाल में सुबह 5 से 6 बजे के बीच ईडी के 4 अफसरों की टीम लेकपर्ल गार्डन पहुंची। इस समय आरजीपीवी के निलंबित रजिस्ट्रार आरएस राजपूत अपने घर में नींद में थे। जबकि, लेकपर्ल वाले घर से पूर्व कुलपति प्रो. सुनील बहुत पहले चूनाभट्टी शिफ्ट हो चुके हैं। उनके घर में किराएदार मिले। टीम बाद में प्रो. सुनील के चूनाभट्टी वाले घर भी पहुंची।
रजिस्ट्रार के खिलाफ मिली थी मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत
अफसरों ने राजपूत के घर के अंदर एंटर होते ही उनका और उनकी पत्नी के मोबाइल जमा कर लिए। ईडी के अफसरों ने निलंबित रजिस्ट्रार के घर से दस्तावेज जमा किए हैं। कार्रवाई जारी है। ईडी को निलंबित रजिस्ट्रार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत मिली थी।
दोपहर में निलंबित रजिस्ट्रार के घर छापे की खबर कॉलोनी में फैल गई। लोग जमा होने लग। यह बात निलंबित रजिस्ट्रार को नागवार गुजरी। वे दोपहर 3 बजे दो ईडी अफसरों के साथ घर से बाहर भड़कते हुए निकले और अफसरों से घर के सामने जमा लोगों को हटाने को कहा।

निलंबित रजिस्ट्रार आरएस राजपूत के घर सोमवार सुबह ईडी की टीम पहुंची।
पूर्व प्रोफेसर से फोन पर लोकेशन पूछी, 30 मिनट बाद पहुंची ईडी
ईडी की दो टीम कार्रवाई के लिए निकली थी। राजपूत दबिश के वक्त ईडी अफसरों को घर पर मिले, लेकिन प्रो. सुनील कुमार के घर में किराएदार मिले। ईडी अफसरों ने किराएदारों से पूछताछ की।
किराएदार ने अफसरों को बताया कि वे पिछले डेढ़ साल से यहां रह रहे हैं। प्रो. कुमार भोपाल के चूनाभट्टी इलाके में रहते हैं। इस पर ईडी टीम के निर्देश पर किराएदार से उनको कॉल कर लोकेशन पूछी। लोकेशन मिलने के आधे घंटे बाद ईडी की टीम ने चूनाभट्टी में प्रो. कुमार के घर दबिश दी। टीम उनसे सुबह से पूछताछ कर रही है। टीम को दबिश के दौरान दोनों के घरों में क्या मिला, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है।
नर्मदापुरम में भी ईडी का एक्शन
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया, सोहागपुर में ईडी ने छापा मारा। जांच टीम ने पिपरिया के अनाज व्यापारी रोहित अग्रवाल (मंगलम फूड) के ऑफिस, फैक्ट्री, सिंह ट्रेडर्स, बिल्डिंग मटेरियल समेत चार स्थानों पर दबिश दी। सिलारी में सिंह ट्रेडर्स के दस्तावेज बिलों के ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अनाज व्यापारी रोहित अग्रवाल, सिंह बिल्डिंग मटेरियल के अलावा और भी जगह ईडी की टीम सोहागपुर पहुंची। आरजीवीपी में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में सोहागपुर के दलित संघ और कुछ व्यापारी, बैंककर्मी के नाम जुड़े थे।

नर्मदापुरम जिले में भी ईडी ने रेड की है।
19.48 करोड़ रुपए सरकारी खाते से प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर कराए
आरजीपीवी में रजिस्ट्रार रहते हुए आरएस राजपूत ने 19.48 करोड़ रुपए सरकारी खाते से प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर कराए थे। घोटाले में यूनिवर्सिटी के कुलपति से लेकर रजिस्ट्रार तक सभी के शामिल होने के आरोप लगे थे। इसके बाद कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार, पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, तत्कालीन फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा, बैंक मैनेजर मयंक सहित 5 पर FIR दर्ज की गई थी। मामला तब सामने आया, जब लगातार एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया।
किरदार करप्शन के

फरवरी में बनाई थी तीन सदस्यीय समिति
यूनिवर्सिटी के तकनीकी शिक्षा विभाग को फरवरी के दूसरे हफ्ते में शिकायत मिली थी कि यूनिवर्सिटी के अकाउंट से 19.48 करोड़ रुपए रजिस्ट्रार और फायनेंस कंट्रोलर के साइन से प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर हुए। जांच के लिए 19 फरवरी 20224 को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी।
