
आरोपियों के पास से गीले नोट मिले हैं, जिन्हें सुखाने के लिए रखा था।
गुना में एक युवक से पानी, कांच की प्लेट और केमिकल से जाली नोट बनाकर देने के नाम पर फ्रॉड हो गया। आरोपी उसके 20 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। इसी तरह केमिकल से जाली नोट बनाकर देने के नाम पर भोपाल में एक व्यक्ति से भी 5.6 लाख की ठगी हुई थी। जब मामले की जानकारी जुटाई, तो कई चौंकाने वाली बात सामने आई हैं। दरअसल, पानी और केमिकल से जाली नोट बनाते ही नहीं हैं। आरोपी केवल जाली नोट बनाकर दिखाने का नाटक करते हैं और भरोसे में लेने के लिए वह असली नोटों को ही जाली बताकर लोगों को दे देते हैं और झांसे में लेते हैं।

केमिकल से नोट बनाने का नाटक किया जाता है। असल में नोट असली होते हैं।
आरोपी ने दिया झांसा, 10 हजार के 1 लाख बनाकर देंगे रशीद कॉलोनी में रहने वाले सलमान खान (22) पिता मकबूल खान ने रविवार को कैंट थाने में शिकायती आवेदन दिया। अपने आवेदन में उसने बताया कि शुक्रवार को वह अपने दोस्त गोलू यादव के साथ नानाखेड़ी मंडी गेट के पास खड़ा था। तभी वहां पर सलीम शाह, शाकिर शाह सहित महेन्द्र प्रजापति आया और सलमान से बात करने लगे। तीनों के कहा कि वह पैसे छापने का काम करते हैं। अगर तुम्हें पैसों की जरूरत है तो दस हजार रुपए के बदले 1 लाख रुपए छापकर देंगे। इसके बाद सलीम ने अपना मोबाइल नंबर दिया और बोला कि वह आज गुना में ही रुकेगा। अगर पैसों की जरूरत हो तो सुबह मंडी गेट पर मिल जाना।

खाली बर्तन में कागज डालकर नाटक किया शनिवार सुबह 10 बजे सलीम और शाकिर शाह नानाखेडी मंडी गेट पर मिले, तो सलमान ने सलीम को 20 हजार रुपए दिए और 2 लाख रुपए छापने की बात कही। इसके बाद सलमान और गोलू उन दोनों के साथ वृद्ध आश्रम के पास खंडहर में पहुंचे। वहां सलीम और शाकिर ने अपने बैग से सफेद रंग की तीन चार थैली निकालीं, जिनमें कुछ केमिकल भरा हुआ था। खाली बर्तन में पानी भरकर, उसमे केमिकल डालकर सफेद कागज के टुकड़े नोट के आकार के बराबर के पानी में डाल दिए। कुछ समय बाद सलीम ने कहा कि अभी रुपए नहीं छप रहे हैं, थोड़ी देर बाद छापकर दे दूंगा। सलमान ने उससे अपने 20 हजार रुपए वापस मांगे, तो उसने पैसे वापस नहीं किए। इसके बाद तीनों वहां से भाग गए। इसके बाद सलमान को ठगी का एहसास हुआ। FIR के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गुना में पानी और केमिकल से नोट बनाने का खेल खेला जा रहा है।
दो दिन पहले भोपाल में भी हुआ इसी तरह फ्रॉड भोपाल में कांच की प्लेट में पाउडर डालकर जाली नोट बनाने का झांसा देकर 5.6 लाख रुपए ठगने वाले चाचा-भतीजे को क्राइम ब्रांच ने रविवार को गिरफ्तार किया है। डीसीपी क्राइम अखिलेश पटेल ने बताया कि आरोपी रियाज अली (52) और आरिफ अली (39) ने राजकुमार मेहरा को जाली नोट बनाने की प्रक्रिया दिखाते हुए कांच की प्लेट में कोई पाउडर डाला और नजर बचाकर 100-100 के असली नोट थमा दिए। ये नोट बाजार में चल गए तो उसे भरोसा हो गया। इसके बाद राजकुमार से आरोपियों ने 9.60 लाख रुपए में 85 लाख रुपए के नोट बनाने की बात कही थी, जिसके एवज में 5.60 लाख रुपए ऐंठ लिए और फ्लैट में ताला डालकर फरार हो गए। मामले के दो आरोपी उस्मान और शेरू उर्फ राजकुमार पटेल फरार हैं।

अब जानिए कैसे करते हैं ये खेल
दरअसल, ये पूरा खेल असली नोट से चलता है। जाली नोट छापने की पूरी प्रक्रिया में कुछ होती ही नहीं है। गुना वाले मामले में पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह जाली नोट बनाने का झांसा देते हैं। लोगों को बुलाकर जाली नोट बनाने की नकली प्रक्रिया भी करते हैं। इसके लिए एक बर्तन में सर्फ मिला हुआ पानी भरते हैं। उसके पास में सफेद पाउडर रखते हैं, जो दांत साफ करने वाला पावडर होता है। साथ में ही नोट के साइज के कागज के सफेद टुकड़े रखते हैं।
जिस व्यक्ति को उन्हें झांसे में लेना होता है, उसे सामने बिठाते हैं। उस व्यक्ति को पहले ही बता देते हैं कि एक नोट बनाने में थोड़ा समय लगता है, उसके बाद नोट जल्दी बन जाते हैं। वह पानी में सफेद पाउडर मिलाते रहते हैं। साथ ही उस व्यक्ति से लगातार बातें करते रहते हैं ताकि उसका ध्यान पानी वाली प्रक्रिया से हट जाए। जैसे ही उसका ध्यान हटता है, आरोपी नजर बचाकर उस पानी में असली नोट डाल देते हैं। फिर उस पानी में हाथ घूमते रहते हैं। कागज के टुकड़ों को आरोपी पानी में ही तोड़ मरोड़कर मिला देते हैं। फिर वह असली नोट निकालकर सामने वाले को दे देते हैं।

बाजार में आसानी से चल जाता है नोट
आरोपी पानी में से नोट निकालकर उसे बाजार में चलाने के लिए दे देते हैं। नोट बाजार में आसानी से चल जाता है। इसी से व्यक्ति को विश्वास हो जाता है और वह झांसे में आ जाता है। फिर वह ज्यादा नोट बनाने का सौदा करते हैं। पैसे लेकर दो चार दिन बाद आने का कहकर फरार हो जाते हैं।
हाथ की सफाई का है पूरा खेल
दरअसल, ये पूरा खेल सिर्फ हाथ की सफाई का है। इस खेल में जाली नोट जैसी कोई चीज है ही नहीं। नजर बचाकर असली नोट को ही जाली नोट बताकर दे दिया जाता है। पुलिस को आरोपियों से कुछ वीडियो मिले हैं, जिनमें आरोपी अपने घरों में असली नोटों को सुखाते हुए मिले, क्योंकि लोगों को प्रक्रिया बताते हुए वह भीग गए थे। आरोपी उन्हें सूखने के लिए अलग-अलग कर रख रहे थे। एक व्यक्ति उन नोटों को प्रेस से सूखा रहा था।
