बैतूल में शुक्रवार (22 नवंबर) को एक महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। ग्वालियर की प्रतिभा की शादी 16 साल पहले बैतूल के नंदू वाघमोडे से हुई थी। उसकी मौत के बाद पति नंदू वाघमोडे बिना पोस्टमॉर्टम कराए अंतिम संस्कार करने वाला था, जिस पर मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए।
इसके बाद बैतूल पुलिस ने अंतिम संस्कार को रुकवा दिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। परिवार वालों का आरोप है कि प्रतिभा की मौत बीमारी से नहीं हुई, बल्कि उसके पति ने मार डाला है। शनिवार को ग्वालियर से मायके पक्ष के लोगों के पहुंचने के बाद प्रतिभा का अंतिम संस्कार किया गया।
मायके पक्ष ने प्रतिभा के पति नंदू वाघमोडे पर दहेज मांगने के साथ मारपीट और 6 साल से घर नहीं आने देने के आरोप लगाए हैं। प्रतिभा की मां का कहना है कि जब प्रतिभा के पिता की मौत हुई थी, तब भी उसने नहीं आने दिया था। हालांकि इस मामले में नंदू का कहना है कि प्रतिभा की मौत ब्लीडिंग ज्यादा होने से हुई है।
मृतका के मायके वालों ने एक वॉट्सऐप चैट भी दी है, जिसमें जीजा नंदू साले को धमकाते हुए कह रहा है- साले साहब, मैं अपने दुश्मन को छोड़ता नहीं हूं।

परिजन ने दिखाया नंदू क वॉट्सऐप चैट
प्रतिभा के भाई गौतम ने उसकी मौत के बाद ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जीजा नंदू वाघमोडे की 3 वॉट्सऐप चैट दी है। नंदू ने ये बातचीत उसने साले गौतम की पत्नी कृष्णा के मोबाइल पर की थी।
- तेरे को अगर कुत्ते जैसे नहीं दौड़ाया तो मैं यशवंत वाघमोडे की औलाद नहीं। ध्यान रखना अब तू खुद तेरी मां को कोर्ट में लेकर आएगा।
- एक बात याद रखना साले साहब। मैं अपने दुश्मन को छोड़ता नहीं हूं। (गाली)…अब तो टाइम देखेगा कि किसका कौन क्या करता है।
- मैं तो हुकुम का इक्का हूं। पूरे मकान की कीमत लेकर जाऊंगा। अभी प्रतिभा सोनालकर जिंदा है।


पिता की मौत पर प्रतिभा को मायके नहीं भेजा
मृतका की मां सुनीता का आरोप है कि पिता की मौत होने पर भी उसने (नंदू) प्रतिभा को मायके नहीं भेजा। 6-7 साल से बेटी को मायके नहीं आने दिया। वह उससे बात भी नहीं करवाता था। रात में हमें फोन लगाकर गाली-गलौज करता था। कहता था घर बेचकर 15 लाख रु दो। उसे कोई बीमारी नहीं थी लेकिन उसे इतना प्रताड़ित किया कि उसकी जान चली गई।
प्रतिभा से शादी के छह महीने बाद ही पैसे की डिमांड करने लगे थे। नंदू कहता थे मकान बेचकर रुपए दो। उसकी मौत होने के बाद खबर तक नहीं की। दूसरे के जरिए पता चला तो हम यहां पर आए हैं। बेटी के लिए बस हमें न्याय चाहिए।
-राधिका कोराते, बहन
शादी के छह महीने बाद होने लगी थी डिमांड
बहन राधिका कोराते ने बताया कि शादी के छ माह बाद ही रुपए की डिमांड शुरू हो गई थी। मकान बेचकर रुपए देने की बात करते थे। उसकी मौत हो गई, लेकिन इन्होंने खबर भी नहीं की। हमें दूसरे के जरिए पता चला। हम अपनी बहन से बात भी नहीं कर पाए। हमें तो सिर्फ न्याय चाहिए। उससे शुरू से मारपीट की गई, अत्याचार किए गए।
इसमें उसके पूरे परिवार का हाथ है। पिता की मौत पर भी मायके नहीं भेजा। हम रात भर उनकी बॉडी रखी रही, इनके इंतजार में। आए दिन गंदी-गंदी गाली और मैसेज भेजता है। उसे टॉर्चर कर बीमार किया गया, फिर इलाज नहीं कराया। वो बीमार नहीं थी। जब कभी उससे बात होती थी तो वह ठीक रहना बताती थी।
प्रतिभा की मौत में नंदू के पूरे परिवार का हाथ है।उसे मारा-कूटा गया और दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया है। पिताजी की मौत पर भी नहीं भेजा गया था। टॉर्चर कर बीमार किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई है।
– गौतम, प्रतिभा का भाई
फैमिली कोर्ट में चला केस, समझौता हुआ था
भाई गौतम ने बताया कि प्रतिभा को नंदू प्रताड़ित करता था। इसलिए हमने कुटुंब न्यायालय में केस लगाया था। इस दौरान मामले में समझौता हो जाने के बाद उसे ससुराल ले गया था। इसके बाद भी उसे अच्छे से नहीं रखा गया। प्रतिभा को पूरा परिवार परेशान करता था।
प्रतिभा का पेट दर्द हो रहा था। उसका मासिक धर्म चल रहा था। गांव में ही डॉक्टर को दिखाया था। डॉक्टर ने बैतूल दिखाने का कहा था। ब्लीडिंग ज्यादा होने से मौत हो गई। वह बीमार नहीं रहती थी। जो आरोप लगाए गए हैं वह गलत हैं।
– नंदू वाघमोडे, पति
16 साल पहले हुई थी दोनों की शादी, दो बच्चे
प्रतिभा की की शादी 16 साल पहले नंदू से हुई थी। ग्वालियर के सरकारी प्रेस में मशीन ऑपरेटर अजय सोनालकर ने अपनी पत्नी सुनीता की बहन के जरिए यह रिश्ता करवाया था। प्रतिभा उनकी इकलौती बेटी थी, जो सेकेंड ईयर की छात्रा थी। शादी के बाद नंदू उसे इंदौर लेकर चला गया, जहां वह गाड़ी चलाता था। 6 साल पहले पति-पत्नी दो बच्चों को लेकर गांव आ गए। यहां पर नंदू वेल्डर का काम करने लगा था। दोनों के 12 और 10 साल के दो बेटे हैं।
मायके पक्ष के आरोप पर पुलिस टीम ने गांव जाकर मृतिका की अंत्येष्टि को रोक दिया था। मृतिका प्रतिभा का शव वापस जिला अस्पताल बुलवाया गया, जहां उसका पीएम करवाकर जांच शुरू की गई है।
-अंजना धुर्वे
टीआई बैतूल बाजार
पुलिस बोली- मृतका का पोस्टमॉर्टम कराया गया
बैतूल बाजार थाना प्रभारी अंजना धुर्वे के मुताबिक प्रतिभा की तबियत बिगड़ने के बाद परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पति और परिजन शव को घर ले गए थे। वे मृतका का पोस्टमॉर्टम नहीं कराना चाहते थे। इसी बीच मृतका के मायके पक्ष ने संदिग्ध हालात में हुई मौत की जांच की मांग की है।