इंदौर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर अपराधियों ने एडिशनल डीसीपी को कॉल किया, वर्दी में देख कॉल काटा

इंदौर में डिजिटल अरेस्ट और साइबर क्राइम की लगातार वारदात सामने आ रही है। अब इस साइबर क्राइम के प्रति जागरुकता फैलाने वाले और कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी को ही इसके लिए कॉल आ गया। लेकिन जब कॉल करने वाले ने उन्हें वर्दी में देखा तो तत्काल कॉल काट दिया।

इनके साथ हुई घटना

यह घटना एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश दंडोतिया के साथ हुई। उन्हें डिजिटल अरेस्ट के लिए कॉल आया। लेकिन साइबर अपराधियों ने जैसे ही वर्दी में देखा वैसे ही कॉल काट दिया। दंडोतिया लगातार इस डिजिटल अरेस्ट को लेकर स्कूल व अन्य जगहों पर जाकर क्लास भी लेते हैं। डिजिटल अरेस्ट के लिए आए कॉल में चेताते हुए कहा गया कि आपके द्वारा क्रेडिट कार्ड से जो राशि निकाली गई, उसमें आपके खिलाफ आरबीआई से रिपोर्ट आई है। हम क्राइम ब्रांच से बोल रहे हैं। फिर उन्होंने वीडियो कॉल किया, लेकिन जब दंडोतिया को वर्दी में देखा तो चौंक गए।

डीसीपी सुनते ही कट गया फोन

कॉल करने वालों ने पूछा कि यह कौन है तब उन्होंने कहा कि मैं स्वयं क्राइम ब्रांच में एडिशनल डीसीपी हूं। इसके बाद तत्काल फोन कट गया। एडिशनल डीसीपी दंडोतिया ने कहा कि जागरुकता ही इस तरह के केस में बचाव है। बेवजह के कॉल को काट दिया जाना चाहिए, साथ ही साइबर क्राइम को फोन कर इसकी सूचना दी जाना चाहिए, ताकि इनकी जानकारी निकालकर गैंग को पकड़ा जा सके। ठगों से बात करते एडिशनल डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राजेश दंडोतिया का वीडियो भी सामने आया है।

पीएम ने फिर समझाया डिजिटल अरेस्ट नहीं होता

उधर, पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर मन की बात में समझाया कि डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं। इसके पहले शो में भी पीएम मोदी ने कहा- हमें बार-बार लोगों को समझाना होगा कि सरकार में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। पीएम मोदी ने बताया कि यह एक खुला झूठ और लोगों को फंसाने की साजिश है। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से बचाव के लिए नागरिकों से अपील की थी कि ऐसे कॉल्स से बचने के लिए “रुको, सोचो और एक्शन लो” का फॉर्मूला अपनाएं।

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