
ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट (Brookfield Asset Management) एक भारतीय डेवलपर की वाणिज्यिक संपत्तियों को 2 बिलियन डॉलर में खरीदेगी। यह दक्षिणी एशिया के देशों में सबसे बड़ी रियल एस्टेट डील होगी। कनाडा की यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी भारत के आरएमजेड कॉर्पोरेशन (RMZ Corporations) से 125 लाख वर्ग फीट के किराए पर लेने वाले कार्यालयों और को-वर्किंग स्थानों का अधिग्रहण कर रही है
इस डील से कर्जमुक्त हो जाएगा आरएमजेड ग्रुप:-आरएमजेड ग्रुप ने कहा है कि इस सौदे से मिलने वाली रकम से वह कर्जमुक्त हो जाएगा। आरएमजेड एक प्राइवेट रियल एस्टेट कंपनी है और इस कंपनी के मालिक राज और मनोज मेंदा है। आरएमजेड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह भारत की रियल एस्टेट इंडस्ट्री की अब तक की सबसे बड़ी डील है। इस डील को कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने 29 सितंबर को मंजूरी दे दी है।
आरएमजेड के पोर्टफोलियो में कुल 67 मिलियन वर्ग फुट स्पेस:-आरएमजेड ग्रुप के पोर्टफोलियो में कुल 67 मिलियन वर्ग फुट स्पेस है। इसमें से 18 फीसदी ब्रुकफील्ड को बेचा गया है। इस सौदे में आरएमजेड का को-वर्किंग कारोबार को-वर्क्स भी शामिल है। आरएमजेड के कॉरपोरेट चेयरमैन मनोज मेंदा का कहना है कि इस विनिवेश के बाद आरएमजेड वैश्विक स्तर पर पहली जीरो डेट कंपनी बन गई है। इस सौदे से हमें अगले चरण के ग्रोथ लक्ष्य को पाने का पर्याप्त स्थान मिल गया है।
85 मिलियन वर्ग फुट का पोर्टफोलियो बनाना चाहता है आरएमजेड ग्रुप:-आरएमजेड का कहना है कि इस सौदे से कंपनी को अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाकर 85 मिलियन वर्ग फुट पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। यह लक्ष्य अगले 6 साल में पूरा किया जाएगा। आरएमजेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्शदीप सिंह सेठी का कहना है कि कमर्शियल रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लिए यह सौदा काफी प्रभावशाली रहेगा। कंपनी के पोर्टफोलियो में डेवलप और अंडर डेवलप दोनों प्रकार की प्रॉपर्टी हैं। कंपनी की असेटवर्थ 10 बिलियन डॉलर के करीब है।
ब्रुकफील्ड को भारत में पोर्टफोलियो मजबूत करने में मदद मिलेगी:-इस सौदे से ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी ब्रुकफील्ड को भारत के रियल एस्टेट मार्केट में अपना पोर्टफोलियो मजबूत करने में मदद मिलेगी। ब्रुकफील्ड पहले ही 4000 करोड रुपए का रीट (REITs) जारी करने के लिए सेबी के पास डॉक्यूमेंट दाखिल कर चुका है। ब्रुकफील्ड ने 2014 में यूनिटेक से गुरुग्राम, नोएडा और कोलकाता में 6 एसईजेड खरीदे थे। यह सौदा 3 हजार करोड़ रुपए में हुआ था। 2016 में कंपनी ने 6700 करोड़ रुपए में हीरानंदानी ग्रुप से मुंबई में ऑफिस और रिटेल स्पेस खरीदा था।
ऑफिस प्रॉपर्टी मार्केट का बेहतर प्रदर्शन:-रियल एस्टेट में ओवरऑल स्लोडाउन के बावजूद भारत का ऑफिस प्रॉपर्टी मार्केट बीते कुछ सालों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। देश के टॉप-7 शहरों में कॉरपोरेट की ओर से प्राइम ऑफिस स्पेस की मजबूत मांग है। देश के ऑफिस प्रॉपर्टी सेगमेंट में वैश्विक संस्थागत निवेशकों को लुभाने की क्षमता है। हाल ही में प्रेस्टीज ग्रुप ने ऑफिस, रिटेल और दो होटल प्रॉपर्टी को ब्लैकस्टोन को बेचने पर सहमति जताने की घोषणा की है। हालांकि, कंपनी ने इस संभावित सौदे की राशि का खुलासा नहीं किया है। पिछले साल दिसंबर में डीएलएफ के प्रमोटर्स ने कंपनी के रेंटल पोर्टफोलियो की 33.34 फीसदी हिस्सेदारी 9 हजार करोड़ रुपए में बेची थी।
ब्लैकस्टोन ने भारत में 8 बिलियन डॉलर का निवेश किया:-अमेरिकी कंपनी ब्लैकस्टोन अब तक भारत के रियल एस्टेट में 8 बिलियन डॉलर का निवेश कर चुकी है। इसने भारत में अब तक लॉन्च हुए 2 रीट को स्पॉन्सर भी किया है। इसके अलावा ब्लैकस्टोन ने बेंगलुरु के सलारपुरिया सत्तव और पुणे के पंचशील रियल्टी के कमर्शियल प्रोजेक्ट में भी निवेश किया है। 2019 में देश में कुल 47 मिलियन ऑफिस स्पेस लीज पर था। लेकिन इस साल कोरोनावायरस महामारी के कारण गिरावट आई है।