
निलंबित हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा ने एक वीडियो में मरने और मारने की बात कही थी। दूसरे वीडियो में वे डंडा लेकर दौड़ते नजर आए थे।
राजगढ़ का ब्यावरा थाना इन दिनों एक हेड कॉन्स्टेबल के कारण चर्चा में है। इस हेड कॉन्स्टेबल ने टीआई से लेकर एसपी तक को जान से मारने की धमकी दी है। यह विवाद टीआई द्वारा हेड कॉन्स्टेबल की तीन एबसेंट लगाने से शुरू हुआ था।
इस बात का हेड कॉन्स्टेबल को इतना बुरा लगा कि उसने सोशल मीडिया पर धमकी वाले वीडियो जारी करते हुए इस्तीफा देने की बात कह दी। पूरे विवाद की पड़ताल की। हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र मीणा ने एसपी और टीआई को धमकी क्यों दी, उन्हीं से जाना।

17 साल में 11 जिलों में ट्रांसफर हो चुके गुना जिले में कुंभराज इलाके के रहने वाले देवेंद्र मीणा ने बताया कि वे फिलहाल हेड कॉन्स्टेबल के पद पर ब्यावरा सिटी थाने में पदस्थ हैं। धमकी भरे मैसेज भेजने पर एसपी आदित्य मिश्रा ने उनको हाल ही में सस्पेंड किया है। मीणा की पुलिस विभाग में नौकरी की शुरुआत 8 जून 2007 को बालाघाट से हुई थी।
उनका कहना है कि नौकरी के दौरान उन्हें कई बार प्रताड़ित किया गया। उनका अब तक 11 जिलों में तबादला हो चुका है। बालाघाट, भोपाल, गुना, सागर, आगर, रतलाम, फिर आगर सहित 10 जिलों में नौकरी कर चुके हैं। राजगढ़ उनका 11वां जिला है, यहां करीब 4 साल हो चुके हैं।

एसपी ने लगाई ड्यूटी, टीआई ने एबसेंट बता दिया मीणा ने कहा, ‘थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ ने अपनी रिपोर्ट में मुझे 8 जुलाई, 12 जुलाई 2024 और एक अन्य तारीख को गैरहाजिर बताया है। इन तारीखों को मैं एसपी मिश्रा के आदेश पर एक मुजरिम को पकड़ने गया था। उसे पकड़कर भी लाया था। मुझे 30 नवंबर को गैर हाजिर रहने का नोटिस मिला। इसका जवाब मैंने 7 दिसंबर को दिया था।
इसका निराकरण आज तक नहीं हो पाया है। मैं मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहा हूं।

ट्रांसफर के कारण मेरा प्रमोशन रुक गया मीणा ने कहा- वे मेरी बार-बार एबसेंट डाल रहे हैं। इसके पहले भी मुझे प्रताड़ित किया गया है। आगर मालवा में प्रमोशन लिस्ट में मेरा 24वें नंबर पर नाम था। लेकिन मेरा बिना गलती के रतलाम ट्रांसफर कर दिया। जिससे मेरा प्रमोशन रुक गया। अब मैं जूनियर बन गया। 597 के नीचे हो गया। इसी तरह मैं कई बार प्रताड़ित हो चुका हूं। बिना गलती के मुझे सजा मिली। एक भी प्रूफ नहीं था। मैं हमेशा लिखा-पढ़ी से ही चलता हूं।
ब्यावरा सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ एसपी के यहां मेरी तीन गैरहाजिरी के नोटिस भेज चुके हैं जबकि उन तारीखों पर मेरी आमद-रवानगी संबंधित थानों में दर्ज है। मुझे दुख हो रहा है कि यह मेरा रिकॉर्ड खराब क्यों कर रहे हैं? मैं विभाग के लिए अच्छा काम करता हूं। ऑल इंडिया पुलिस की मदद करता हूं।
10 दिसंबर को एसपी,टीआई को भेजा मैसेज मीणा ने 10 दिसंबर को टीआई धाकड़ और एसपी मिश्रा को वॉट्सएप पर एक मैसेज भेजा। इसमें लिखा, ‘मेरी बिना गलती के एबसेंट डाली। मुझे बहुत दुख हो रहा है। आपका दो स्टार वाला (एसआई दीपांकर गौतम) ऊपर गया। अब तीन स्टार वाला (वीरेंद्र धाकड़) उसके पास जाएगा। धाकड़ अब गौतम के पास जाएगा, यह फाइनल लेख लिया जाए।’
इस मैसेज में उन्होंने न केवल टीआई धाकड़ को जान से मारने की धमकी दी, बल्कि यह भी संकेत दिया कि उनकी स्थिति एसआई दीपांकर गौतम जैसी होगी।
बता दें कि करीब तीन महीने पहले ब्यावरा के सिटी थाने में पदस्थ एएसआई दीपांकर गौतम को पचोर थाने की आरक्षक पल्लवी सोलंकी ने कार से कुचलकर मार डाला था। पल्लवी और उसका प्रेमी करण ठाकुर, दीपांकर को अपने रास्ते का रोड़ा मान रहे थे।

निलंबित हेड कॉन्स्टेबल मीणा ने वॉट्सएप पर ये मैसेज किया था।
मैसेज के बाद एसपी ने किया निलंबित वॉट्सएप पर ऐसे मैसेज भेजने की वजह से मीणा को सस्पेंड कर दिया गया। एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा, ‘प्रधान आरक्षक मीणा ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को वॉट्सएप पर अनुचित और धमकी भरे मैसेज के माध्यम से अनुशासनहीनता का परिचय दिया है। विभागीय नियमों का उल्लंघन करते हुए इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इस प्रकार की अनुशासनहीनता को सहन नहीं किया जाएगा।’
एसपी ने ब्यावरा एसडीओपी नेहा गौर को जांच सौंपकर 7 दिन में रिपोर्ट मांगी है।

इस वॉट्सएप मैसेज की वजह से मीणा को एसपी ने निलंबित किया था।
इस्तीफा देने एसपी कार्यालय पहुंचे, बिना दिए लौटे 11 दिसंबर को मीणा का एक वीडियो सामने आया। उन्होंने ये वीडियो अपने बच्चों के साथ बनाया। इसमें कहा- मेरे बच्चो, ये लास्ट मुलाकात है मेरी। मैं मारूंगा या मरूंगा। बेटी, मैं सही बोल रहा हूं। जब मैं मर जाऊं तो मेरा नाम बदनाम मत करना। मेरा नाम रोशन करना…
इसके बाद वे 12 दिसंबर की दोपहर 12 बजे इस्तीफा देने के लिए ब्यावरा से राजगढ़ एसपी कार्यालय पहुंचे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी एसपी से मुलाकात नहीं हो पाई। वे एसपी कार्यालय के एक रूम में बैठकर पुलिसकर्मियों से चर्चा करते रहे और फिर बिना इस्तीफा दिए ब्यावरा के लिए निकल गए।
13 दिसंबर को उनकी पुरानी वॉट्सएप चैट सामने आई। इसमें मीणा ने ब्यावरा सिटी थाने के आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप में एक फिल्म का लिंक शेयर करते हुए विवादित टिप्पणी लिखी थी।

13 दिसंबर को मीणा की ये पुरानी वॉट्सएप चैट सामने आई।
कहा-मैं किसी भी एंगल पर जा सकता हूं मीणा जब अपना इस्तीफा देने गए थे, उसके पहले उनसे बात की थी। मीणा ने कहा था- अगर मेरा निकाल नहीं हुआ तो.. मैं किसी भी एंगल पर जा सकता हूं। कुछ भी कर सकता हूं। मैं धमका नहीं रहा हूं। मुझे तो प्रताड़ित किया जा रहा है। मेरा सर्विस रिकॉर्ड देखो, कितनी बार मुझे प्रताड़ित किया गया। आज मैं ASI होता।
जब भी मुझे सजा दी गई है, झूठी दी गई है। कई बार तो ऐसी सजाएं दी गई हैं, जिसमें शिकायतकर्ता ही नहीं था। खुद ने ही शिकायतकर्ता के साइन कर लिए और मुझे सजा दे दी, ये कौन सा तरीका है।
एसपी आदित्य मिश्रा ने हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया था।

सीसीटीवी फुटेज में डंडा लिए दिखे मीणा निलंबित हवलदार देवेंद्र मीणा का 13 दिसंबर को सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। फुटेज में दिख रहा है कि वे बाइक से सिटी थाना परिसर में आए और हाथ में डंडा लेकर किसी को मारने के लिए दौड़े। ये फुटेज जून-जुलाई का बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हेड मोहर्रिर चंदन हरिऔध ने हवलदार मीणा की रात में ड्यूटी लगा दी थी। इसी बात पर वे डंडा लेकर हरिओम को मारने के लिए पहुंचे थे। हरिओम ने इसकी शिकायत राजगढ़ एसपी कार्यालय में की थी लेकिन तब मीणा पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।

चैट में किया था हत्यारे का जिक्र मीणा ने पिछले दिनों एक चैट में किसी आरोपी के बारे में लिखा था- एक समय था, सन 2007 में अपने पिता का बदला लेने के लिए तीन हत्या की थी। उस व्यक्ति को मेरे द्वारा हाजिर कराया गया था, जब मैं सिपाही नहीं था।
वह बोलता था कि देवेंद्र मैं हत्या करूंगा। आज मैं बोल रहा हूं, मैं हत्या करूंगा। उस व्यक्ति ने खुलेआम तीन को मौत के घाट उतारा था। उसे भी दुनिया पागल बोलती थी। आज मुझे पागल बोलती है। रिजल्ट वही आएगा। ग्राम कुंजाखेड़ा सर्च कर लेना।
