
एमपी पीएससी मुख्यालय के बाहर धरना तीसरे दिन भी जारी है। अभ्यर्थियों के अनुसार यह आगे भी जारी रहेगा। शुक्रवार काे बड़ी संख्या में अन्य जिलाें से भी अभ्यर्थी यहां पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि सारी मांगों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट किए बिना और एक-एक बिंदु पर लिखित आश्वासन के बगैर आंदोलन खत्म नहीं हाेगा। शुक्रवार रात में भी 1 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी यहां डटे हुए थे। एक तरह से अभ्यर्थियों काे 60 घंटे से ज्यादा वक्त हाे चुका है।
3 मांगों पर निर्णय काेर्ट के फैसले से पहले संभव नहीं, एक पर इसी माह स्थिति हाेगी स्पष्ट
पीएससी ने अभ्यर्थियों की मांगों पर लिखित आश्वासन से साफ इनकार कर दिया है। पीएससी का कहना है कि हर बिंदु पर अभ्यर्थियों के सामने स्थिति स्पष्ट है। पीएससी ने उन चार-पांच बिंदुओं पर भी स्थिति स्पष्ट की है, जिन्हें अभ्यर्थी अपने आंदोलन में प्रभावी तरीके से उठा रहे हैं।
2025 के पदों की संख्या पर : आयोग सिर्फ विज्ञापन जारी करता है। शासन की तरफ से पदों की संख्या विभागवार भेजी जाती है। शासन से पत्र व्यवहार चल रहा है। जल्द विज्ञापन जारी हाेगा।
2019 से 2024 तक की राज्य सेवा मेंस की कॉपियां नहीं दिखाने पर : अभी ओबीसी आरक्षण मामला काेर्ट में है। इस कारण पूरा परिणाम जारी नहीं हाे पा रहा है। अधूरे रिजल्ट में यह संभव नहीं। इससे अंकों की गोपनीयता खत्म हाे जाएगी। न्यायालय से निर्णय के बाद कॉपियां दिखाएंगे।
इंटरव्यू 100 अंकों का क्यों नहीं?: सुप्रीम काेर्ट के निर्देश के अनुसार कुल अंकों का अधिकतम 12 प्रतिशत तक इंटरव्यू में रखा जा सकता है। उस लिहाज से 185 अंकों का इंटरव्यू हाे सकता है। हम उसी अनुपात के आधार पर इंटरव्यू अंक निर्धारित किए हैं।
87-13 के फॉर्मूले पर: शासन ने जाे 87-13 का फॉर्मूला तय किया है, वह एकदम सही है। अभी पूरा रिजल्ट घोषित करना संभव नहीं है।