
नवमी युक्त दशमी तिथि में दशहरा विजय पर्व मनाना शास्त्र सम्मत धर्म सिंधु निर्णय सिंधुकेअनुसार पंडित दिनेश गुरूजी
आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को विजयादशमी दशहरा के नाम से जाना जाता है दशमी तिथि को विजय पर्व मनाया जाता है शमी वृक्ष की पूजन की जाती है इस दिन नीलकंठ के दर्शन करना भी शुभ माना जाता है अपराजिता देवी के साथ जया तथा विजया देवियों के पूजन का भी विधान है विजयादशमी दशहरा 25 अक्टूबर रविवार को मनाना शास्त्र सम्मत है भारतीय मानक समय विदिशा के स्थानीय समय के अनुसार 24 अक्टूबर शनिवार को श्री दुर्गा महा अष्टमी एवं 25 अक्टूबर रविवार को श्री दुर्गा नवमी एवं विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा धर्मसिंधु निर्णय सिंधु धर्म ग्रंथों के अनुसार महा अष्टमी जो उदय काल में घटी मात्र हो वह भी नवमी संयुक्त हो वही ग्रहण करना चाहिए धार्मिक ग्रंथों के अनुसार श्री दुर्गा अष्टमी का पर्व 24 अक्टूबर शनिवार को मनाया जाएगा एवं 25 अक्टूबर रविवार को श्री दुर्गा नवमी एवं विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा धार्मिक ग्रंथों के अनुसार विजयादशमी का पर्व अपराह्रव्यापिनी तिथि में मनाना चाहिए धर्म सिंधु निर्णय सिंधु के अनुसार नवमी युक्त दशमी तिथि में विजयादशमी मनाना चाहिए 24 अक्टूबर शनिवार को प्रातः 6:58 तक अष्टमी तिथि रहेगी श्री दुर्गा अष्टमी शनिवार को ही मनाना चाहिए 25 अक्टूबर रविवार को नवमी तिथि प्रातः 7:41 तक रहेगी इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी जोकि 26 अक्टूबर सोमवार को प्रातः 9: बजे तक रहेगी धर्मसिंधु निर्णय सिंधु धार्मिक ग्रंथों के अनुसार विजयादशमी का पर्व नवमी युक्त दशमी तिथि में मनाना चाहिए दशमी युक्त एकादशी में विजयादशमी का पर्व मनाना निषेध है शास्त्रों के अनुसार 25 अक्टूबर रविवार को विजयादशमी का पर्व मनाना शास्त्र सम्मत है शास्त्रों के अनुसार मनुष्यों को अपराजिता का पूजन दशमी तिथि में करना चाहिए अपराहृकाल मैं जो पूर्ण नवमी तिथि से युक्त हो उसने अपराजिता का पूजन करना चाहिए कल्याण और विजय को देने वाली है नवमी युक्त दशमी तिथि को जयवधिनी अपराजिता देवी का पूजन करने से जय एवं विजय की प्राप्ति होती है विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष पूजन करने से अमंगलो का पापो शमन होता है दुख स्वप्न का नाश होता है
अश्विने शुक्ले पक्षे तु दशम्यां पूजयेन्नरः! एकादश्यां न कुर्वीत पूजनं चाssपराजितम्!!
आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि में अवश्य अपराजिता का पूजन करना चाहिए एकादशी में अपराजिता का पूजन नहीं करना चाहिए जो मनुष्य पूजन करता है उसे हानि होती है
माँ शारदा ज्योतिषधाम अनुसन्धान संस्थान इंदौर
पंडित दिनेश गुरुजी ज्योतिष वास्तु,पितृदोष विशेषज्ञ
9977794111