
सर्वर से डेटा चोरी होने के बाद दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबोरेट्रीज ने दुनियाभर में अपने प्लांट बंद कर दिए हैं। डॉ. रेड्डीज के अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, रूस और भारत में ड्रग प्लांट मौजूद हैं। दवा कंपनी को कुछ दिन पहले ही रूसी कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को मंजूरी मिली थी। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने डॉ. रेड्डीज को देश में रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-वी के दूसरे और तीसरे फेज के ट्रायल की इजाजत दी थी। रिपोर्टों के अनुसार, साइबर अटैक (Cyberattack) अमेरिकी समय के मुताबिक शाम 4 से 5 के बीच हुआ है।
कंपनी ने शेयर बाजार को दिया बयान:-कंपनी ने शेयर बाजारों को दिए एक बयान में कहा कि उसने साइबर हमले को ध्यान में रखते हुए सभी डेटा सेंटर सेवाओं को अलग कर दिया है। रेड्डी की प्रयोगशालाओं के सीआईओ मुकेश राठी (Dr Reddy’s Laboratories CIO Mukesh Rathi) ने कहा कि कंपनी अगले 24 घंटों में अपनी सभी सेवाओं को फिर से शुरू करने की उम्मीद कर रही है। मुकेश ने कहा, “हम सभी सेवाओं के 24 घंटे के भीतर चालू करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस घटना के कारण हमारे परिचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
” हाल ही में भारत ने दी थी वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति:-भारत में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल की ओर से भारत में रूसी वैक्सीन (Vaccine) के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल की इजाजत मिलने के कुछ ही दिनों डेटा लीक (Data breach) का मामला सामने आया है। डॉ. रेड्डीज और आरडीआईएफ (RDIF) को भारत में स्पुतनिक V वैक्सीन (Sputnik V Vaccine) के क्लीनिकल ट्रायल करने की अनुमति कुछ दिनों पहले ही मिली थी। इससे पहले पिछले सितंबर में डॉ. रेड्डीज और आरडीआईएफ ने स्पुतनिक V वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल और भारत में इसके वितरण को लेकर एक समझौता किया था। जिसमें कहा गया था कि आरडीआईएफ भारत में डॉ. रेड्डीज को विनियामक अनुमोदन पर वैक्सीन की 100 मिलियन डोज की आपूर्ति करेगा।