
रेसीडेंसी क्षेत्र का नया नक्शा और जमीनों के रिकाॅर्ड का ड्राफ्ट प्लान तैयार हो गया है। वर्षों से इस क्षेत्र का सर्वे तक नहीं हुआ था। अब जाकर सर्वे पूर्ण हुआ है। प्रशासन नया नक्शा जल्द जारी करेगा। सर्वे के बाद दो तरह की जमीनें पूरी तरह सरकारी घोषित होने जा रही हैं। पहली वे जो लीज पर दी गई थीं और दूसरी वे जिनके दस्तावेज वहां के रहवासी, संस्थाएं या ट्रस्ट कई बार मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
इस दायरे में धार कोठी का कुछ हिस्सा, रतलाम कोठी, संवाद नगर का कुछ हिस्सा, अहिल्या नगर, श्यामाचरण शुक्ल नगर और रेडियो काॅलोनी भी शामिल है। नेहरू स्टेडियम पर भी नगर निगम अब तक स्वामित्व रिकाॅर्ड नहीं दे पाया है। दूरदर्शन सहित सरकारी बंगलों, रेसीडेंसी एरिया की भी जमीनें हैं, जो सरकारी ही रहेगी। हालांकि रहवासियों, ट्रस्टियों, संस्थानों के पास मौका रहेगा।
वे दावे-आपत्तियों के निराकरण के समय अपना पक्ष रख सकेंगे। जमीनें सरकारी होती भी हैं, तो किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। प्रशासन ने पहले ड्रोन व फिजिकल सर्वे के बाद लोगों से दस्तावेज मांगे थे। ये प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
धार कोठी: एक हजार से ज्यादा संपत्ति में से 150 के ही दस्तावेज आए
सूत्रों का कहना है, धार कोठी की जमीन में कुछ विवाद है। प्रशासन ने यहां के लिए मालिकाना हक संबंधी 1959 से आज तक के दस्तावेज मांगे थे। जो सर्वे रिपोर्ट प्रशासन को मिली है, उसमें एक हजार से ज्यादा संपत्ति में से मात्र 150 ही अपने दस्तावेज बता पाए हैं। इनमें कुछ धार्मिक-शैक्षणिक ट्रस्ट भी सरकारी होने की जद में हैं। कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है कि इस एरिया काे रेगुलराइज करने की प्रक्रिया लंबे समय से जारी है। हमारा उद्देश्य मालिकाना हक तय करना है और सरकारी रिकाॅर्ड में पहली बार इस एरिया को शामिल करना है। ताकि वहां के मूल रहवासी आसानी से सुविधापूर्वक जीवनयापन कर सकें।
मनोरमागंज, राजगढ़ कोठी, पिपलोदा कोठी सहित कुछ पर पड़ताल जारी
राजगढ़ कोठी और पिपलोदा कोठी को लेकर संशय है। इनकी पड़ताल जारी है। मनोरमागंज की भी कुछ जमीनों का परीक्षण चल रहा है। फाइनल रिपोर्ट में ही चिड़ियाघर से लगे व्यास नगर की जमीन, व्हाइट चर्च व सभी खसरों की डिटेल सामने आएगी। धार कोठी और व्हाइट चर्च के रहवासी कुछ महीनों पहले ही चिंता जता चुके हैं कि हमारी लीज कुछ सालों पहले ही निरस्त हो गई है। हमें प्रॉपर्टी संबंधी अधिकार पूरी तरह कब तक मिलेंगे। यह हिस्सा वर्तमान में जूनी इंदौर तहसील के पटवारी हल्का नं. 3 कस्बा इंदौर में शामिल है।
यह हो चुका : मई 2023 में जारी हुई थी अधिसूचना
सर्वे की अधिसूचना मई 2023 में जारी हुई, फिर प्रशासन ने ड्रोन सर्वे करवाया।
पहले चरण में फरवरी 2024 तक, फिर 15 मार्च तक रहवासियों, संस्थाओं से मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज मांगे।
विभाग ने नक्शा तैयार किया, उन जमीनों पर नए खसरा नंबर चढ़ाए।
अब ड्रॉफ्ट तैयार, जो किसी भी दिन जारी होगा, फिर दावे-आपत्ति बुलाई जाएंगी।