इंदौर। डॉक्टर की हत्या के मामले में पुलिस को कार की तलाश, इकलौते जवान बेटे को खोकर बुजुर्ग पिता के नहीं रुक रहे आंसू, बोले – ‘मेरा कलेजा था’… देखें VIDEO

इंदौर में होम्योपैथ डॉक्टर की हत्या के मामले में पुलिस को एक कार की तलाश है। एसीपी रुबीना मिज्वानी के मुताबिक, डॉक्टर सुनील साहू शहर के मीनेश अस्पताल में भी काम करते थे। वहां भी पुलिस ने पूछताछ की है। पूछताछ में एक कार की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जा रही है।

28 साल के डॉ. सुनील साहू की शुक्रवार रात 10.30 बजे हत्या कर दी गई थी। वे शहर के कुंदन नगर में जीवन धारा हेल्थ क्लिनिक चलाते थे। हमलावरों ने क्लिनिक में घुसकर उन्हें गोली मारी थी। तीन बदमाश सर्दी-जुकाम का इलाज करने के बहाने आए थे।

शनिवार दोपहर एमवाय अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। अंतिम संस्कार पैतृक गांव गुना जिले के कुंभराज में होगा। इकलौते जवान बेटे को खोकर बुजुर्ग पिता के आंसू नहीं रुक रहे। बोले, ‘मेरा कलेजा था।’

बड़ी मेहनत कर बेटे को पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाया था डॉ. सुनील साहू के पिता जगदीश प्रसाद साहू ने कहा, ‘मेरा एक ही बेटा था। उसे भी भगवान ने उठा लिया। आगे-पीछे अब कुछ भी नहीं बचा। बेटा तीन-चार साल से इंदौर में रह रहा था। दो बेटियां हैं। छोटी बेटी का रिश्ता तय हो गया है। अप्रैल में उसकी शादी करने वाले हैं। इसकी ही तैयारी कर रहे थे। मैं मिर्च का छोटा व्यवसाय करता हूं। बड़ी मेहनत कर बेटे को पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाया था। आज वह दूर हो गया।’

डॉक्टर को कॉल कर क्लिनिक बुलाया था हमलावरों ने डॉक्टर को कॉल करके क्लिनिक पर बुलाया गया था। पुलिस जांच में पता चला कि जिस नंबर से कॉल किया गया, वो एक फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर का है। पूछताछ में उसने बताया कि जब वह चाय की दुकान पर खड़ा था, तब दो लोग उसके पास आए थे। इनमें से एक ने मोबाइल नहीं होने का कहकर मेरा मोबाइल कॉल लगाने के लिए मांगा था।

डॉक्टर की क्लिनिक में काम करने वाले दीपक ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात 7.30 बजे डॉक्टर के पास कॉल आया था। उन्हें कहा गया था कि रात 9.30 से 10 बजे के बीच एक पेशेंट आने वाला है। रात में डॉक्टर करीब 10.30 बजे क्लिनिक पहुंचे थे।

एसीपी मिज्वानी के मुताबिक, जिस नंबर से डॉक्टर को कॉल आया था, उसी नंबर पर बाद में उन्होंने भी कॉल कर पूछा था- आप कहां हो? तब मजदूर ने उन्हें बताया था कि उसके नंबर से आपको किसी और ने कॉल किया था।

ढाई महीने पहले ही किराए पर ली थी जगह कुंदन नगर में जहां डॉक्टर का क्लिनिक है, वहां आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि ढाई से तीन महीने पहले ही डॉक्टर ने क्लिनिक शुरू किया था। वे सुबह तो कम, शाम के वक्त ही अक्सर बैठते थे। काफी अच्छे स्वभाव के थे। डॉ. साहू की शादी सोनाली से डेढ़ साल पहले ही हुई थी। बच्चे नहीं है। ससुर बाबूलाल सब्जी का कारोबार करते हैं।

ससुर के मुताबिक, घटना के समय वे और बेटी सोनाली शहर के परस्पर नगर स्थित घर पर ही थे। सुनील आमतौर पर रात 9.30 बजे तक घर आ जाते हैं, इसलिए वे खाने के लिए उनका इंतजार कर रहे थे। इसी बीच सोनाली के पास खबर आई कि सुनील को किसी ने गोली मार दी है। प्रारंभिक तौर पर डॉ. साहू का किसी से कोई विवाद सामने नहीं आया है। इस वजह से हत्या के कारण का पता नहीं चल पा रहा है।

जिला अस्पताल में नहीं हो सका एक्स-रे, एमवाय ले जाना पड़ा शव घटना के बाद डॉक्टर के शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। शनिवार सुबह आइडियल क्योर एसोसिएशन समिति के पदाधिकारी, होम्योपैथिक डॉक्टर्स, परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए थे।

समिति के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बलराम गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में फुल बॉडी एक्स-रे की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में शव को पीएम के लिए एमवाय लेकर आना पड़ा।

चक्काजाम की थी तैयारी, अधिकारियों ने मनाया पीएम के बाद आइडियल क्योर एसोसिएशन समिति के पदाधिकारी एमवाय चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम करने वाले थे। पुलिस अधिकारियों से हुई चर्चा के बाद उन्होंने फैसला वापस ले लिया। ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। दोषियों को जल्द पकड़ने, परिवार के लिए 1 करोड़ रुपए की मांग की है। पत्नी के लिए भी आर्थिक मदद की मांग की है। पिता को 20 हजार रुपए/महीना की सहायता पेंशन के रूप में देने की मांग की है। साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी ज्ञापन में मांग की गई है।

 

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