
मध्य प्रदेश में भाजपा नेत्री के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
मध्य प्रदेश में भाजपा नेत्री के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 51 वर्षीय सरपंच पति लेखराज डाबी ने उसे शादी का झांसा दिया और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए बाकायदा एक एग्रीमेंट भी करवाया। इस दौरान आरोपी ने ढाई साल तक शारीरिक शोषण किया।
पीड़िता का कहना है कि जब वह गर्भवती हुई तो आरोपी ने उसका गुपचुप अबॉर्शन करा दिया। अब महिला ने सरपंच पति पर एक और आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि वह मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरना देगी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उसकी तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति है और वर्तमान विधायक व पूर्व मंत्री उषा ठाकुर का समर्थक है। उषा ठाकुर के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
शादी का झांसा देकर किया शोषण
पीड़ित महिला ने बताया कि वह पहले एक आर्मी अफसर के घर में कुक का काम करती थी। सिमरोल मंडल में पार्टी का काम करते समय उसकी मुलाकात सरपंच पति लेखराज डाबी से हुई, जिससे धीरे-धीरे दोस्ती हो गई।
इसके बाद लेखराज ने आर्मी अफसर के घर पर आना-जाना शुरू कर दिया और उसे लगातार परेशान करने लगा। महिला का कहना है कि लेखराज ने उसे शादी का झांसा दिया। उसने यह भी कहा कि ठाकुर परिवार में दो महिलाओं से शादी करना संभव है, इसलिए वह उससे दूसरी शादी कर सकता है।

पीड़िता ने एग्रीमेंट का भी खुलासा किया है।
दो दिन का राशन भरवाकर आरोपी फरार
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि लिव इन में रहने के दौरान वह प्रेग्नेंट हो गई तो आरोपी ने उसका अबॉर्शन करवा दिया। उसके पास अब खाने और खर्च के पैसे भी नहीं बचे हैं। एक किराए के मकान में दो दिन का राशन भरवा कर लेखराज फरार हो गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब उसके परिवारजन जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
परिवार ने भी छोड़ा साथ
पीड़िता ने आगे बताया कि अब उसके परिवार ने भी उसे छोड़ दिया है। ऐसे में परिचित उसकी आर्थिक मदद कर रहे हैं। पुलिस से इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रही है। इस पूरे मामले में ग्रामीण एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
रीति-रिवाज से पीड़ित से की थी शादी
महिला ने आज एक नए एग्रीमेंट का खुलासा किया है। इस दस्तावेज़ में दावा किया गया है कि लेखराज ने परिवार की मौजूदगी में रीति-रिवाज से पीड़ित से शादी की थी।शपथ पत्र में लिखा है कि शादी के बाद होने वाली संतान को लेखराज की संपत्ति में अधिकार मिलेगा।
वहीं महिला ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक न तो लेखराज की गिरफ्तारी हुई है और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया है। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास के बाहर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
वहीं सिमरोल पुलिस ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।