इंटरनेट पर देखा एड… ऑनलाइन मंगवाई गई वजन घटाने की दवा बनी किसान नेता की मौत की वजह; हैरान कर देगा मामला

उत्तर प्रदेश के बागपत से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल, यहां एक शख्स ने अपना वजन कम करने के लिए ऑनलाइन दवा मंगाई थी। इस दवा को खाने के बाद उसकी किडनी खराब हो गई और मौत हो गई।

यह हैं पूरा मामला

मृतक शख्स की पहचान 40 साल के फुरकान के रूप में हुई है। माता कॉलोनी निवासी फुरकान ने ऑनलाइन दवा ऑर्डर कर खा ली थी, लेकिन इससे उसकी किडनी खराब होने लगी थी। फुरकान का पिछले करीब सात महीने से इलाज किया जा रहा था। उसकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि इलाज के बाद भी उसके शरीर में कोई सुधार नहीं हुआ और डायलिसिस के बावजूद उसकी मौत हो गई।

माता कॉलोनी में रहने वाले सपा किसान नेता फुरकान पहलवान ने फेसबुक और यूट्यूब पर एड देखकर दवाई मंगवाई थी जिसमें अजवाइन, सौंफ और जीरा आदि सामान मिला हुआ था। इसका घोल बनाकर मृत शख्स ने कई महीने तक सेवन किया था, जिसकी वजह से उसकी किडनी खराब हो गई थी।

मृत शख्स के भाई ने दिया बयान

मृतक फुरकान के भाई इरफान ने बताया कि उसका वजन बढ़ रहा था। इसे कम करने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया से दवा मंगवाई और खा भी ली। इसका असर कुछ ही दिनों में दिखने लगा, लेकिन अचानक भाई की तबीयत खराब हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई।

तांत्रिक के चक्करों में फंस गए थे

दिल्ली में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया था कि उन्होंने कोई गलत दवाई ली है, जिसकी वजह से उनकी किडनी खराब हो गई। वहीं उसे डायलिसिस कराने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने नहीं कराई और तांत्रिक के चक्कर में पड़ गए। तांत्रिक ने उसने लाखों रुपए ऐंठ लिए और हालत ज्यादा बिगड़ने से उनकी रविवार को मौत हो गई। इस मामले में डॉक्टरों का कहना है कि बिना डॉक्टरों की सलाह के किसी भी दवा को ऑनलाइन मंगवाकर उसका सेवन करना जानलेवा साबित हो सकता है।

डॉक्टरों की सलाह के बिना दवा लेना है खतरनाक

आज के समय में देखा जाए तो लोग वजन कम करने के लिए क्या कुछ नहीं करते है। कुछ लोग नियमित तौर पर एक्सरसाइज करते हैं, खान-पान पर कंट्रोल करते हैं, तो कुछ तरह-तरह की दवाइयों का सेवन करते हैं। डॉक्टरों की सलाह के बिना दवाइयां लेना सेहत के लिए घातक हो सकता है। ये दवाइयां फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर खुलेआम बिक भी रही हैं। बता दें कि इस तरह की दवाइयों में साइड इफेक्ट का खतरा बहुत ही ज्यादा रहता है, क्योंकि इनमें किसी तरह का वैज्ञानिक शोध नहीं किया गया होता। लोग जल्दी रिजल्ट पाने के झांसे में आकर दवाइयों का सेवन करते हैं।

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