
महाकाल भस्मआरती में शामिल होने की अनुमति के नाम पर चार महिलाओं से 8500 रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। महिलाओं ने मंदिर समिति के एक सदस्य से शिकायत की तो ठग ने उस राशि में से 4000 रुपए लौटाए। बाकी की राशि देने से इनकार कर दिया।
पुणे से चार महिलाएं रेशमा धनंजय जगताप, ऋतुजा बालू मुंढे, विद्या तुषार भूमकर और पायगुडे मोनिका सुनील रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे महाकालेश्वर पहुंची। उन्होंने दर्शन किए। उनकी इच्छा थी कि वे सोमवार तड़के होने वाली भस्मआरती में शामिल हो। दोपहर में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य राजेंद्र शर्मा गुरुजी मंदिर आए। उन्हें देखकर महिलाओं ने भस्मआरती के लिए अनुरोध किया। गुरुजी ने कहा मैं भरोसा नहीं दिलाता, प्रयास करूंगा कि अनुमति मिल जाए। उन्होंने महिलाओं से उनके आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर लिया। साथ ही आगाह किया कि मंदिर की ओर से एक लिंक आपके मोबाइल नंबर पर आएगी। उस पर क्लिक करते ही अनुमति टिकट आपके मोबाइल नंबर पर आ जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए मंदिर की ओर से 200 रुपए प्रति टिकट निर्धारित है। इसके अलावा एक भी रुपया कोई मांग करे तो उसकी शिकायत मुझे करें या मंदिर के प्रशासकीय कार्यालय से संपर्क करें।
महिलाओं ने राजेंद्र गुरुजी के पैर छुए और आभार जताया। यहां तक तो सब ठीक था। शाम 5.30 बजे तक महिलाओं ने अनुमति की लिंक का इंतजार किया, जो नहीं आई। इस बीच एक अन्य व्यक्ति दीपक वैष्णव महिलाओं के संपर्क में आया। अनुमति दिलवाने के नाम पर शाम 6 बजे महिलाओं से 8500 रुपए ऑनलाइन जमा करवा लिए। उधर, राजेंद्र गुरुजी ने महिलाओं के लिए अनुमति बनाकर उनके मोबाइल नंबर पर भेज दी। उन्हें सूचित किया तो महिलाओं ने राजेंद्र गुरुजी को पूरा वाकया बताया। महिलाओं ने दीपक वैष्णव से मोबाइल नंबर 9981946577 पर चर्चा कर रुपए वापस मांगे। पहले तो उसने रुपए देने से इनकार कर दिया। जद्दोजहद के बाद आखिर रात 8.55 बजे केवल 4000 रुपए ही ऑनलाइन लौटाए। राजेंद्र गुरुजी का कहना है कि इस तरह के मामले मैंने सुने थे लेकिन मेरे सामने ही ऐसा होगा, सोचा भी नहीं था। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर नीरजकुमार सिंह से इस संबंध में चर्चा करेंगे।