अस्पतालों से बदला लेने की जिद… बीटेक ग्रेजुएट बना शातिर चोर! दिल्ली से मुंबई तक कबुली वारदातें , वजह जान रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली:दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है जो बहुत ही पढ़ा लिखा है. बीटेक की डिग्री वाला ये चोर देश के बड़े अस्पतालों चोरी (Btech Thief Arrested) की वारदातों को अंजाम देता था. चोरी की वजह ऐसी कि सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की साउथ-ईस्ट ज़िला टीम ने इस शातिर चोर को गिरफ्तार किया है. ये चोर दिल्ली-एनसीआर, जयपुर, मुंबई और पुणे के बड़े अस्पतालों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है.  बी-टेक ग्रेजुएट चोर तकनीकी तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था.

पुलिस के हत्थे चढ़ा Btech चोर, जानें चोरी की वजह

विकास नाम का ये हाईटेक चोर पुणे के MIT से बीटेक है. वह चोर कैसे बन गया ये वजह हैरान कर देने वाली है. चोर विकास ने पूछताछ में बताया कि साल 2021 में कोरोना महामारी के दौरान अस्पताल ने उसे इलाज के बिल में रियायत नहीं दी थी, जिसकी वजह से वह कर्ज में डूब गया. इसी वजह से उसने डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ बदला लेने के इरादे से चोरी शुरू कर दी.

अस्पतालों में ये महंगी चीजें करता था चोरी

विकास नाम का ये चोर देश के बड़े अस्पतालों में लैपटॉप, मोबाइल फोन, और अन्य कीमती सामानों की चोरी करता था. पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए चार लैपटॉप, एक मोबाइल, एक एप्पल एयरपॉड्स, महंगे गॉगल्स और 6100 नकद बरामद किए हैं.

कैसे पकड़ा गया चोर विकास?

10 अप्रैल को अपोलो हॉस्पिटल, सरिता विहार में एक लैपटॉप और मोबाइल चोरी हो गया था. मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान हो गई. पता चला कि आरोपी दिल्ली के पहाड़गंज के एक होटल में रुका हुआ है. पुलिस ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान 31 साल के विकास के रूप में हुई, जो पुणे का रहने वाला है. विकास ने MIT, पुणे से बीटेक किया है.

पुणे के MIT से Btech, फिर भी बन गया चोर

पुलिस ने बताया कि आरोपी अब तक जयपुर, दिल्ली, मुंबई और पुणे के कई अस्पतालों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है. उसके खिलाफ दिल्ली और नोएडा के थानों में कई एफआईआर दर्ज हैं, जबकि पुणे और मुंबई में भी उस पर छह केस दर्ज हैं.

पहले जुटाता था जानकारी, फिर करता था चोरी

दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी रवि सिंह के मुताबिक, आरोपी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पहले गूगल पर अस्पतालों की जानकारी जुटाता था, फिर मौका देखकर चोरी करता और फर्जी बिल बनाकर सामान बेच देता था. आरोपी फिलहाल पुलिस  से पूछताछ कर रही है, ताकि इसके नेटवर्क और अन्य चोरियों की कड़ियों को जोड़ा जा सके.

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