शहडोल में 21 अप्रैल की रात एक महिला ने पति की गला दबाकर हत्या कर दी। करीब एक घंटे बाद पड़ोसियों को बुला लिया। बताया कि ज्यादा शराब पीने से पति की मौत हो गई है। रोते-बिलखते रातभर शव के पास बैठी रही। सुबह पुलिस को भी इस बारे में बता आई।
पुलिस को गर्दन पर नाखून और रगड़ के निशान मिले। शक के आधार पर पुलिस महिला को थाने ले आई। पुलिस ने बताया कि आरोपी राधा कोल (27) ने अपने पति सुरेश बैगा (27) की हत्या गला घोंटकर की। थाना प्रभारी खेम सिंह के अनुसार, शुरुआत में राधा ने वारदात छिपाने का प्रयास किया। लेकिन, सख्ती से पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। राधा को पुलिस ने 23 अप्रैल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। एडिशनल एसपी अभिषेक दीवान से बात कर वारदात के बारे में जाना।
सोशल मीडिया पर एक्टिव है महिला
राधा और सुरेश दोनों की ही ये दूसरी शादी थी। आरोपी राधा की पहले पति से पांच साल की बेटी है। वो सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म पर एक्टिव है।
राधा ने पुलिस को बताया है कि सुरेश रोजाना नशे में धुत होकर मारपीट करता था। चरित्र पर संदेह करता था। सोशल मीडिया पर जब कोई पुरुष या लड़का उसकी रील और वीडियो लाइक करता, तो उसे पीटता था। रात में जब वो चीखती-चिल्लाती तो सुरेश खुश होता था। वारदात वाले दिन जब उसने हद पार कर दी, तो उसे मार डाला।

पढ़िए, राधा ने पुलिस को दिए बयान में क्या कहा…
किराए के घर में लिव-इन में रहने लगे मेरी पहली शादी करीब सात साल पहले हो चुकी थी। पति से एक पांच साल की बेटी है। वो परेशान करने लगा, तो अपने मायके धरमपुरी में बेटी को लेकर आ गई। करीब दो साल पहले सुरेश से फेसबुक पर मुलाकात हुई थी। वो मेरी रील सबसे ज्यादा लाइक करता था। एक दिन उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। उसने एक्सेप्ट कर ली। हम दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। बातचीत भी शुरू हो गई।
एक दिन सुरेश ने बताया कि उसकी शादी हो गई है, लेकिन बच्चे नहीं हैं। मैंने भी उसे सच-सच बता दिया कि मैं शादीशुदा हूं और एक बेटी है। लेकिन, पति से बनती नहीं है। इसलिए कई महीने से बेटी के साथ मायके में रह रही हूं।
कुछ दिन बाद दोनों के बीच बातचीत होती रही। एक दिन बातों-बातों में उसने प्रपोज कर दिया। मैंने कुछ कहा नहीं, लेकिन मुझे भी उससे प्यार हो गया था। कुछ दिन बाद उसे भी दिल की बात बता दी। दोस्ती प्यार में बदल गई। हम लोग मिलने लगे। कुछ मुलाकातों के बाद ही संबंध भी कायम हो गए।
सुरेश धनपुरी से ही लगे गांव डोंगराटोला का रहने वाला था। नजदीकियां बढ़ने के बाद वो बिलासपुर से वापस आ गया। धनपुरी में ही रहकर राजमिस्त्री का काम करने लगा। जब वो मेरे गांव में ही आकर रहने लगा, तो मुझे छिप-छिपकर मिलना अच्छा नहीं लगता था। तय कर लिया कि अब दोनों साथ रहेंगे।
यह बात अपने घर वालों को बताई, वे हमारे इस रिश्ते के खिलाफ थे। मैंने उनकी एक न सुनी। अपने मायके धनपुरी में ही एक किराए का घर लेकर दोनों लिव-इन में रहने लगे। सुरेश के घर वाले भी मुझे स्वीकार नहीं कर रहे थे।
6 महीने पहले हम दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद से सुरेश अपने गांव डोंगराटोला नहीं जाया करता था। मैं अपने मायके कभी-कभार चली जाती थी। मेरे घर से भी कोई सदस्य हमारे किराए वाले घर में नहीं आता था।

शादी के बाद पति का व्यवहार बदलने लगा शादी के एक दो महीने तक तो सबकुछ ठीक रहा। वो मुझे बहुत प्यार करता था। बेटी को भी अपनी बेटी की तरह ही मानता था। इसके बाद सुरेश के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा। पहले वो कभी-कभार शराब पीता था। अब वो रोज शराब पीकर घर आता। मेरे चरित्र पर संदेह जताना शुरू कर दिया। मेरे साथ मारपीट करने लगा। रात मैं जब चीखती-चिल्लाती, तो वो खुश होता।
मैं हर बार उसे समझाती, उसे मनाती और अपने चरित्र को लेकर सफाई भी देती, लेकिन वह नहीं मानता था। हालात तो यहां तक आ गए कि मेरा मोबाइल वो हमेशा अपने पास रखने लगा।
मैं सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म पर एक्टिव थी। रील-वीडियो पोस्ट करती रहती थी। जब कोई पुरुष या लड़का मेरी पोस्ट को लाइक करता तो वो और आगबबूला हो जाता। मारपीट करता। सुरेश और मेरी शादी की बात जब उसकी पहली पत्नी को पता चली, तो वह मुझे धमकाने लगी। आए दिन मेरे साथ झगड़ा करती।
कई बार उसने फोन पर धमकाया, सुरेश खुद इस बात को जानता है। सुरेश के कारण मैंने अपने घर से पहले ही विद्रोह किया था। फिर वो मेरे ही ऊपर शक करता था। मेरी बात सुनने वाला कोई नहीं था। इतना सबकुछ सहने के बाद भी मैं रिश्ता निभा रही थी। जब सुरेश भी मुझ पर हमलावर हो गया। आए दिन मेरे साथ विवाद करने लगा, तो मुझसे सहा नहीं गया।
पहले गला दबाया, फिर बिस्तर पर पटका 21 अप्रैल की रात करीब 9 बजे सुरेश शराब के नशे में धुत होकर घर आया। मुझे और बेटी को गाली देने लगा। मोहल्ले वालों ने यह देखा। उसे घर के अंदर लेकर आ गई और बिस्तर पर लिटा दिया। वो लेटा-लेटा ही कभी बड़बड़ाता तो कभी गाली देता।
बेटी पास ही डरी सी बैठी थी, मैंने उसे पास बिठाया और उसके बाल संवारने लगी। सुरेश अचानक उठकर आया और मुझे लात मारने की कोशिश की। लात बच्ची को लगी। मुझे मारने लगा। बेटी भागकर पास ही स्थित मेरे मायके चली गई। हम दोनों में झूमाझटकी हुई। मैंने उसका गला दबाया और बिस्तर पर पटक लिया। काफी देर तक उसकी गला और नाक दबाकर उसके साथ बिस्तर पर पड़ी रही।
थोड़ी देर बाद उसके बदन ने हरकत करना बंद कर दिया। मुझे थोड़ी घबड़ाहट हुई। मैंने अपने आपको संभाला। अपने कपड़े और बिस्तर ठीक किया। थाली में खाना परोसने के बाद उसे बिस्तर के पास रखा और पड़ोसियों को बुलाने चली गई।
पुलिस ने बताया- बेटी को लात मारी तो सह नहीं पाई
थाना प्रभारी खेम सिंह ने बताया कि 21 अप्रैल की रात 10 बजे दोनों के बीच विवाद बढ़ा। जब सुरेश ने राधा की बेटी को लात मारी, तो वो आगबबूला हो गई। सुरेश पिछले 3 दिनों से ज्यादा शराब पी रहा था। इसी का फायदा उठाते हुए राधा ने गला और मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। झूठी कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने लगी।
उसने सबसे पहले पड़ोसन रामबाई प्रजापति को गुमराह किया। रात 9 बजे जब सुरेश घर आया, तो चौखट पर ही बैठकर पत्नी से विवाद करने लगा। इस घटना को रामबाई प्रजापति ने देखा था। रात 10ः30 बजे के आसपास राधा रामबाई के घर गई। उसे बताया कि सुरेश उठ ही नहीं रहा है। वो भूखा ही सो गया है। रामबाई ने उसके घर जाकर सुरेश का माथा छुआ तो पूरी तरह से ठंडा था।
रातभर लाश के पास बैठी रोती रही आरोपी
थाना प्रभारी खेम सिंह ने बताया

पति की हत्या करने के बाद राधा रात भर अपने कुछ परिजन और पड़ोसियों के साथ उसकी लाश के सामने बैठकर रोती रही। सुबह उससे किसी ने कहा कि घटना की सूचना पुलिस को देना चाहिए।

इसके बाद वो 22 अप्रैल की सुबह 10 बजे दो लोगों के साथ थाने गई। उसने पुलिस से कहा कि उसका पति सुरेश पिछले 3 दिन से बहुत ज्यादा शराब पी रहा था। ज्यादा शराब पीने से उसकी मौत हो गई है।
पुलिस जब घटना स्थल पहुंची और शव को देखा तो उसके गले में नाखून और नाक मुंह में रगड़ का निशान था। पुलिस को यहीं से शक हो गया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पीएम के दौरान डॉक्टर की टीम ने हत्या की पुष्टि कर दी।