
अब आप इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप के जरिए पेमेंट भी कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने वॉट्सऐप को यूपीआई (UPI) बेस्ड पेमेंट सिस्टम लॉन्च करने के लिए मंजूरी दे दी है। (NPCI) द्वारा मिली अनुमति की वजह से अब UPI बेस्ड पेमेंट के मामले में Paytm, Google Pay और PhonePe को चुनौती मिल सकेगी।
WhatsApp चरणबद्ध तरीके से अपने यूजर बेस को बढ़ा सकेगा। वह UPI में अधिकतम 2 करोड़ यूजर के साथ इसकी शुरुआत कर पाएगा। सोशल मैसेजिंग ऐप WhatsApp के भारत में करीब 40 करोड़ एक्टिव यूजर्स है। उसके दुनिया में करीब 1.5 अरब यूजर्स हैं। वर्तमान में UPI आधारित पेमेंट सर्विस प्रदान करने वाले कई थर्ड पार्टी ऐप्स हैं जिनमें गूगल पे, फोन पे, अमेजन पे और फ्लिपकार्ट शामिल हैं। इसके अलावा 140 बैंक भी ये सेवाए देते हैं।
WhatsApp का UPI बेस्ड पेमेंट सिस्टम WhatsApp Pay बीटा वर्जन में साल 2018 से चल रहा है जिसके करीब 10 लाख यूजर्स हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डाटा लोकेलाइजेशन नियम के चलते पेमेंट प्रोवाइडर को भारत में सभी यूजर्स का डाटा रखना होता है जिसकी वजह से WhatsApp Pay को लॉन्च नहीं किया गया था।
NPIC ने UPI में प्रोसेस्ड ट्रांजेक्शन के कुल वॉल्युम पर 30 प्रतिशत की सीमा लगाई है जो सभी थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स के लिए लागू है। यह नियम 1 जनवरी 2021 से लागू होगा। UPI के प्रति महीने 2 अरब ट्रांजैक्शन पर पहुंचने और भविष्य में इसमें वृद्धि को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे जोखिम दूर होगा और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
WhatsApp के ग्लोबल हेड Will Cathcart पिछले साल भारत आए थे और उस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की थी। उस वक्त उन्होंने कंपनी के पेमेंट सर्विस को लॉन्च करने की इच्छा जाहिर की थी।
Communist Party of India के सांसद विनोय विश्वास ने WhatsApp के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल फाइल की हुई है। इसमें विश्वास ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से यह सुनिश्चित करने को कहा कि WhatsApp Pay एकत्रित किए जाने वाले डाटा का गलत उपयोग नहीं करेगा।