इंदौर। सड़क हादसे में घायल हुई 15 साल की अनुष्का, अस्पताल में स्ट्रेचर पर तड़पती रही; स्टाफ की लापरवाही से गई जान

अनुष्का तिवारी‎

फर्स्ट आने पर नानी को मिठाई खिला लौट रही थी, स्कूटी को वाहन ने टक्कर मारी

बजरंग नगर में रहने वाली अनुष्का तिवारी (15) 10वीं में फर्स्ट डिवीजन में पास हुई। आंखों में बड़े सपने लिए वह अपनी खुशी नानी और मामा के परिवार के साथ बांटना चाहती थी, लेकिन उसे पता नहीं था कि जिंदगी ज्यादा लंबी नहीं है। मंगलवार शाम वह मां भारती के साथ मंदिर गई फिर मिठाई लेकर वहां से नानी के घर पहुंची।

सभी ने उसे फर्स्ट डिवीजन की बधाई दी। खुशी से फूली नहीं समा रही अनुष्का मां के साथ रात में स्कूटी से घर लौट रही थी। तभी सिका स्कूल चौराहे पर किसी तेज रफ्तार वाहन ने मां-बेटी को चपेट में ले लिया। गंभीर घायल होने पर दोनों को नंदानगर स्थित तीन मंजिला सरकारी अस्पताल पहुंचाया। मां के सिर से खून बहने लगा तो उसका इलाज शुरू कर दिया गया।

अनुष्का को अंदरूनी चोट लगी थी तो खून नहीं निकला, इसलिए अस्पताल के स्टाफ ने उसे चेक करना भी जरूरी नहीं समझना। तीन घंटे तक वह स्ट्रेचर पर तड़पती रही और दम तोड़ दिया। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, पिता अरुण तिवारी ने बताया कि मंगलवार शाम वह मां के साथ मंदिर गई थी।

वहां जिद करने लगी कि नानी को रिजल्ट दिखाना है। भारती उसे लाहिया कॉलोनी ले गई। रात करीब 10.30 बजे दोनों ने जैसे ही सिका स्कूल चौराहे से टर्न लिया, सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। दोनों कई फीट दूर उछलकर गिरीं। राहगीरों ने उनके मोबाइल से हमें सूचना दी। हम तुरंत वहां पहुंचे और दोनों को नंदानगर के सरकारी अस्पताल ले गए।

अनुष्का को सांस लेने में हो रही थी दिक्कत, स्टाफ ने की अनसुनी

अस्पताल पर लापरवाही का आरोप… पिता अरुण ने तीन मंजिला अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। अनुष्का की मां को सिर पर चोट लगी थी, जबकि अनुष्का को कमर के पास चोट लगी। मां का इलाज तो शुरू कर दिया, लेकिन स्ट्रेचर पर पड़ी अनुष्का तड़पती रही। अनुष्का बोली कि मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही, लेकिन स्टाफ ने उसकी बात सुनी-अनसुनी कर दी।

निजी अस्पताल ने भी लौटा दिया… अरुण के अनुसार, हालत बिगड़ी तो हम उसे निजी अस्पताल ले गए। निजी अस्पताल वालों ने उल्टे पैर हमें लौटा दिया, बोले कि जहां से लाए हो वहीं ले जाओ। इस बीत अनुष्का के शरीर का एक तरफ का भाग पूरी तरह तिरछा हो गया और उसने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि यदि स्टाफ ने समय पर इलाज शुरू कर दिया होता तो बेटी बच सकती थी।

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