
प्लॉट पर मल्टी बनाने के चक्कर में जमीन मालिकों ने इतनी गहरी खुदाई कर दी कि पड़ोस के तीन मंजिला मकान की नींव कमजोर हो गई और वह जमींदोज हो गया। एक सेकंड से भी कम समय में मकान भर-भराकर गिर गया। पीड़ित मकान मालिक ने पुलिस में शिकायत की थी। नगर निगम को भी आवेदन दिया था कि गलत तरीके से मल्टी बनाने पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। रावजी बाजार पुलिस ने केस दर्ज कर चालान पेश किया था।
गनीमत रही कोई जनहानि नहीं हुई
चंद्रभागा निवासी प्रकाश राजौरिया का 10 बाय 35 फीट का तीन मंजिला मकान 27 अगस्त 2011 को अचानक जमींदोज हो गया था। मकान में राजौरिया का परिवार और किराएदार रहते थे। पड़ोस में जयंतसिंह चौहान, विजयसिंह चौहान, पंकज राठौर और चंद्रशेखर द्वारा मल्टी का निर्माण किया जा रहा था।
इसके लिए 25-30 फीट की खुदाई की थी। गनीमत रही कि मकान गिरने से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन उसमें रखी दो अलमारी, कूलर, लैपटॉप, पंखे, 15 तोला सोना, एक किलो चांदी, डेढ़ लाख नकदी, मकान की रजिस्ट्री लापता हो गई। करीब 65 लाख का नुकसान हुआ था। कोर्ट ने मामले में केवल जयंत को आरोपी मानकर 1 वर्ष की सजा व अर्थदंड किया।