इंदौर। छात्राओं से अश्लील हरकतें, शूटिंग अकादमी में लाइसेंस की जांच, CM मोहन यादव ने लिया संज्ञान, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई

  • रहवासी क्षेत्र में शूटिंग एकेडमी की अनु​मति कैसे मिली, जांच होगी

शूटिंग सिखाने के बहाने लड़कियों से अश्लील हरकतें करने वाले आरोपी मोहसिन को रहवासी क्षेत्र में शूटिंग एकेडमी की अनुमति कैसे मिली इसकी जांच की जा रही है। एसीपी अन्नपूर्णा शिवेंदु जोशी ने कहा कि आरोपी मोहसिन को लेकर हर बिंदु पर स्पेशल टीम जांच कर रही है। शुक्रवार काे उसके फ्लैट व एकेडमी की तलाशी लेने वे खुद पहुंचे थे।

वहीं मोहसिन ने रहवासी क्षेत्र में नगर निगम से शूटिंग एकेडमी की अनुमति कैसे ली? इसे लेकर नगर निगम से जानकारी मांगी है। इसके अलावा ये भी पता किया जा रहा है कि शूटिंग के लिए जो रायफलें उपयोग की जाती थीं, वे लाइसेंसी हैं या नहीं? नहीं तो इन्हें भी जब्त करेंगे। इधर, मोहसिन के पेंट हाउस पर किए गए अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम ने शुक्रवार को नोटिस चस्पा किया है।

युवती से हुआ था विवाद

रहवासियों ने बताया कि 2021-22 में एक सिख युवती रिसेप्शनिस्ट की नौकरी के लिए एकेडमी में आई थी। मोहसिन ने उसे भी फ्लैट में बुलाकर गलत हरकत की थी। जिसका बड़ा विवाद हुआ था। क्षेत्रवासियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन बिल्डिंग मालिक जीतू मिश्रा के राजनीतिक रसूख के चलते मोहसिन उस वक्त बच गया था।

^मोहसिन को लेकर मेरे कार्यकाल में कभी रहवासियों ने कोई शिकायत नहीं की। जब पहली शिकायत आई तो तत्काल एफआईआर दर्ज की।

– अजय नायर,टीआई अन्नपूर्णा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दरिंदे मोहसिन खान की हरकत का लिया संज्ञान, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई

भोपाल के बाद इंदौर में भी हिंदू युवतियों का यौन शोषण का मामला सामने आने से संघ परिवार भयंकर आक्रोशित

– पुलिस की भूमिका को लेकर भी अनेक तरह के सवाल उठे

शहर की एक निजी शूटिंग अकादमी में सामने आया यौन शोषण का मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह बन चुका है। आरोपी मोहसिन खान नामक प्रशिक्षक पर कई युवतियों के साथ मानसिक और शारीरिक शोषण के आरोप हैं।

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से 10 अलग-अलग युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। एक पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि मोहसिन उस पर पूजा-पाठ छोड़ने और नॉनवेज खाने का दबाव डालता था।

यह घटना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि एक युवती की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर सीधा हमला है। इससे जुड़े मामलों में यह देखा गया है कि अपराधी भावनात्मक नजदीकी का मुखौटा ओढ़कर विश्वास में लेकर शोषण करते हैं।

ऐसी घटनाएं पूर्व में भोपाल, मेरठ, जयपुर और मुंबई में भी सामने आ चुकी हैं। इस मामले की समानता ने पुलिस और सामाजिक संगठनों को भी गंभीर चिंता में डाल दिया है।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मालवा इकाई ने इस मामले को सीधे संघ के मध्य क्षेत्रीय संगठन ‘समिधा’ को रिपोर्ट किया है। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट भाजपा-संघ समन्वयक सह सरकार्यवाह अरुण कुमार तक भी पहुंच चुकी है।

यह संकेत है कि यह मामला अब केंद्र तक जा पहुंचा है। गृह मंत्रालय भी इसे लेकर सतर्क हो गया है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में एनआईए या किसी विशेष जांच एजेंसी को इस दिशा में सक्रिय किया जा सकता है।

संघ के वरिष्ठ प्रचारकों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि एक ‘संस्कृति-विरुद्ध युद्ध’ जैसी सुनियोजित मानसिकता का परिणाम है। संघ के प्रशिक्षण वर्गों में भी इस मामले को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।

स्थानीय हिंदू संगठनों – विशेषकर बजरंग दल और विहिप – ने मांग की है कि मोहसिन खान पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) जैसी कड़ी धाराएं लगाई जाएं। उनका कहना है कि इस तरह के अपराध केवल सख्त कानून से ही रोके जा सकते हैं।

हालांकि प्रदेश सरकार का इस विषय पर रुख संवेदनशील और गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले की उच्च स्तर से निगरानी शुरू कर दी है। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और डीजीपी खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पीड़िताओं को न्याय दिलाने और आरोपी को कड़ी सजा दिलवाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

पुलिस पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि शुरुआती शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। मोहसिन द्वारा लड़कियों को धमकाना और राजनीतिक संरक्षण मिलने जैसे संकेत मामले को और गंभीर बनाते हैं।

सूत्रों की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन, डिजिटल सबूतों की विशेष फॉरेंसिक जांच और पुलिस महकमे में जवाबदेही तय करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

, यह मामला इंदौर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज को चेतावनी देने वाला है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश में बेटियों की गरिमा और स्वतंत्रता की रक्षा समाज, सरकार और परिजन – सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह स्पष्ट संदेश है कि ऐसे मामलों में न कोई रियायत दी जाएगी, न कोई दबाव स्वीकार होगा। कुल मिलाकर, यह मामला केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश में बेटियों की गरिमा, स्वतंत्रता और धार्मिक पहचान की रक्षा करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज और परिजनों की भी साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ऐसे मामलों में न कोई रियायत दी जाएगी और न ही किसी प्रकार का राजनीतिक या सामाजिक दबाव स्वीकार किया जाएगा। प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कठोरतम कदम उठाने को तैयार है।

मोहसिन कांड की जैसे-जैसे परतें खुल रही है अत्यंत खौफनाक मंजर सामने आ रहा है ?

इंदौर की शूटिंग अकादमी में हुए छात्राओं से रेप और छेड़छाड़ के मामले ने प्रशासन की भी नींद उड़ा दी है। ड्रीम ओलिंपिक शूटिंग अकादमी में छात्राओं और युवतियों के साथ हुए रेप और छेड़छाड़ के कई वीडियो में आरोपी कोच मोहसिन खान साफ दिखाई दे रहा है। मोहसिन के छात्राओं के साथ जो वीडियो आए हैं वो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस अब मोहसिन के दो भाई और मामा की तलाश कर रही है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने आज इस विषय में पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि तीनों भाइयों में सबसे बड़ा इमरान है, बीच वाला साजिद और सबसे छोटा मोहसिन। मोहसिन की गिरफ्तारी के बाद से उसके दोनों भाई लापता हैं। वे दोनों भी शूटिंग की ही कोचिंग देते हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया कि मोहसिन के परिवार की भूमिका की जांच की जाएगी। अगर परिवार के अन्य सदस्य भी संलिप्त पाए गए तो उन्हें सह-आरोपी बनाया जाएगा। पुलिस अकादमी में आने वाले अन्य छात्रों से भी पूछताछ करेगी।मोहसिन ने कुछ साल पहले अपनी एकेडमी खोली थी। जहां अकादमी चलती थी, वहां के मकान मालिक को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। ग्वालियर प्रशासन को भी पत्र लिखकर इस अकादमी के रजिस्ट्रेशन की जानकारी मांगी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसका रजिस्ट्रेशन निरस्त कराया जा सके। बताया जा रहा है कि तीनों भाई अपने पिता के रहते हुए महू की आर्मी शूटिंग रेंज पर नियमित प्रैक्टिस करते थे। वे 10 मीटर से लेकर 25 मीटर तक की दूरी पर पिस्टल और राइफल दोनों की ट्रेनिंग लेते थे। तीनों भाइयों ने साथ मिलकर निशानेबाजी सीखना शुरू किया था।

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