
*महाकालेश्वर मंदिर में मोबाइल उपयोग पर हंगामा*
उज्जैन के ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में एक महिला और उसके पति ने मंदिर में पदस्थ सुरक्षाकर्मी पर अभद्रता का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि सुरक्षाकर्मी ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें दर्शन करने से रोका।
*क्या है मामला?*
महिला नैना अपने पति के साथ महाकालेश्वर के दर्शन करने आई थी। वह अपने पति के साथ सुबह 5:30 बजे दर्शन के लिए कतार में लग गई। 2 घंटे कतार में लगने के बाद जब सुबह 7:30 बजे दर्शन के लिए उनका नंबर आया, तो सुरक्षाकर्मी ने उनके हाथों में मोबाइल देखा। सुरक्षाकर्मी ने उन्हें मोबाइल बंद करने को कहा, लेकिन महिला और उसके पति ने उनकी बात नहीं मानी।
*सीसीटीवी फुटेज में कैद*
महिला और उसके पति ने सुरक्षाकर्मी के ऊपर अभद्रता का आरोप लगाया, लेकिन मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में उनके पति खुद गणेश मंडपम में वीडियो बनाते दिखाई दे रहे हैं। सुरक्षाकर्मी ने उन्हें मंदिर परिसर में मोबाइल उपयोग पर प्रतिबंध की जानकारी देते हुए मोबाइल बंद करने को कहा था।
*मंदिर प्रशासक की प्रतिक्रिया*
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि मंदिर परिसर में मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है। यदि श्रद्धालु नियमों का उल्लंघन करेंगे, तो उनके खिलाफ मंदिर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
*महिला का वीडियो वायरल*
महिला ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है, जिसमें उसने सुरक्षाकर्मी पर अभद्रता का आरोप लगाया है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
*उज्जैन के महाकाल मंदिर में अब मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।* मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा और धार्मिक माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में मोबाइल रखने के लिए लॉकर सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जहां वे अपने मोबाइल फोन जमा कर सकते हैं और दर्शन करने के बाद वापस प्राप्त कर सकते हैं।
*नियम और शर्तें:*
– मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
– श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल फोन को निर्धारित लॉकर में जमा करना होगा।
– दर्शन करने के बाद, श्रद्धालु अपनी रसीद दिखाकर अपना मोबाइल फोन वापस प्राप्त कर सकते हैं।
*कारण:*
– मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा और धार्मिक माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।
– मोबाइल फोन के इस्तेमाल से मंदिर परिसर में शांति भंग होती है और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना प्रभावित होती है।
– – मंदिर में रील और वीडियो बनाने के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
महाकाल-पशुपतिनाथ, उन्होंने भेद नहीं किया तो उनके दर्शन में भेदभाव क्यों
उज्जैन: एक बार फिर महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। मंगलवार को मुंबई की एक ट्रैवल ब्लॉगर और श्रद्धालु नैना ने मंदिर में वीआईपी संस्कृति और सुरक्षाकर्मियों के बर्ताव को लेकर अपना दर्द साझा किया। नैना अपने पति अमित के साथ बाइक से भारत भ्रमण पर निकली हैं। इस दौरान वे उज्जैन पहुंचे और सुबह 5:30 बजे दर्शन के लिए लाइन में लग गए। करीब दो घंटे बाद, सुबह 7:30 बजे उनका नंबर आया।
नैना ने बताया कि जब वे लाइन में थी और हाथ में फोन था, तब एक महिला सुरक्षाकर्मी ने उन्हें डांटना शुरू कर दिया। जब नैना ने विरोध किया, तो एक पुरुष गार्ड ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। वहीं दूसरी ओर वीआईपी लाइन में लोग आराम से वीडियो बना रहे थे, लेकिन आम श्रद्धालुओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा था।
वीडियो पोस्ट पर भड़का जन आक्रोश
नैना ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक वीडियो ब्लॉग साझा किया, जिसमें उन्होंने सवाल उठाया — “महाकाल को पशुपतिनाथ कहा जाता है, जो जीव-जंतु और मानव में भेद नहीं करते, फिर उनके दर्शन में इतना भेदभाव क्यों?” उन्होंने पूछा कि “किसे दर्शन की इजाजत मिलेगी और किसे नहीं, इसका फैसला कौन करेगा?”
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूज़र्स ने मंदिरों में फैल रही वीआईपी संस्कृति पर सवाल उठाए और इसे सुधारने की मांग की।