
शिलांग घूमने गए ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी प|ी सोनम 8 दिन बाद भी लापता हैं। उनका अब तक कोई पता नहीं चला है। सर्चिंग टीम में लगे मेघालय पुलिस व एनडीआरएफ के जवानों का मानना है कि वे घने जंगलों में भटक गए हैं। बारिश व तूफान के कारण सर्चिंग अभियान में भी परेशानी आ रही है। प्रयास फिर भी जारी हैं।
इधर, मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स के एसपी एचपी खारकोंगर का कहना है कि दंपती होटल से निकलने के बाद गाइड के साथ ओरसा हिल्स इलाके में काफी नीचे तक उतर गए थे। फिर उन्होंने गाइड को छोड़ दिया था और वे जंगल की तरफ चले गए थे। यहां रास्ता भटकने के कारण उनका कोई पता नहीं चल रहा है। शिलॉन्ग और आसपास के इलाकों में इस समय काफी बारिश हो रही है, तूफान भी आ रहे हैं। इससे सर्चिंग में दिक्कत आ रही है।
परिजन ने गुहार लगाई कि बच्चों को ढूंढने में सरकार को आर्मी की मदद लेना चाहिए। एसपी ने बताया दोनों की तलाश में हमारी टीमें व रेस्क्यू दल जुटे हैं। ये इलाका ऐसा है कि मोबाइल नेटवर्क भी नहीं होता है। तलाश में हरसंभव कोशिश की जा रही है कि वे इलाके में किन-किन स्थानों तक जा सकते हैं। दंपती होटल में लगेज रखने के बाद माउलाकया गांव की ओर चले गए। यहां डबल डेकर ब्रिज पर जाना पड़ता है। यहां के रास्ते बहुत कठिन हैं। इधर, मेघालय के मुख्यमंंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा ने बताया दंपती शिलांग के ऐसे स्थानों पर लापता हुए हैं, जहां जंगल के रास्ते हैं। उन्हें तलाशना बहुत मुश्किल टास्क है। फिर भी हमारी पुलिस व एनडीआरएफ की टीमें सर्चिंग में जुटी हैं।
परिजन बोले- गाइड व होटल संचालक दे सकते हैं सुराग
लापता राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि दोनों ने सोहरा क्षेत्र में डबल डेकर इलाके में 1 हजार सीढ़ियां नीचे उतरकर गाइड किया था। पुलिस ने इस गाइड से भी ठीक से पूछताछ नहीं की। गहराई में उतरने के दौरान एक रेस्टोरेंट पर दोनों ने चाय-काफी पी व केले खाए थे। पुलिस ने इस रेस्टोरेंट संचालक से भी सख्ती से पूछताछ नहीं की।
यहां डबल डेकर ब्रिज पर जाना पड़ता है। यहां के रास्ते बहुत कठिन हैं। इधर, मेघालय के मुख्यमंंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा ने बताया दंपती शिलांग के ऐसे स्थानों पर लापता हुए हैं, जहां जंगल के रास्ते हैं। उन्हें तलाशना बहुत मुश्किल टास्क है। फिर भी हमारी पुलिस व एनडीआरएफ की टीमें सर्चिंग में जुटी हैं।