
तीन दिन पहले आगाह किया था स्लाटर हाउस पर हो सकता हमला…!
निगम कमिश्नर वर्मा से विधायक पटेल की नोंक-झोंक
अभिषेक क़ानूनगो
देपालपुर विधानसभा के लिलेड़ी गांव में बन रहे नगर निगम के स्लाटर हाउस पर विधायक मनोज पटेल की टीम ने कल हमला कर दिया। करीब 15 हजार स्क्वैर फुट पर तोडफ़ोड़ की है। जिम्मेदारों को दो दिन पहले ही आगाह कर दिया था कि गांववाले, कुछ लोगों के साथ मिलकर स्लाटर हाउस पर धावा बोलने वाले हैं। पुलिस प्रशासन ने इनकी बात पर कान नहीं धरे और कल बवाल हो गया। पटेल ने नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा को वहीं से फोन लगाकर खरी-खोटी सुना दी। बोले- बनवाना है तो अपने निगम क्षेत्र में बनवाओ। मेरी विधानसभा में नहीं बनने दूंगा।

लिलेड़ी स्लाटर हाउस (बुचडख़ाने) की इजाजत 2018 में शिवराजसिंह चौहान की सरकार ने दी थी। नगर निगम ने तब यहां काम शुरू किया था और कुछ लोगों को टेंडर दे दिया था, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद काम रूक गया। फिर कांग्रेस की सरकार आई और काम शुरू हुआ, लेकिन तत्कालीन विधायक विशाल पटेल ने भी मौके को भांपा और काम रूकवा दिया। जिन लोगों ने करोड़ों रुपए चुकाकर टेंडर लिए थे, उनका पैसा सात बरस से फंसा हुआ है। दो दिन पहले एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ल मौके पर पहुंचे और उन्होंने काम शुरू करने के लिए हरी झंडी दिखा दी। महीनेभर में यहां बड़ी बिल्डिंग बन गई थी। जिस कंपनी के पास टेंडर है, उसने नगर निगम का बोर्ड भी लगाया था। बगैर नगर निगम को बताए कल अचानक गांववालों की भीड़ वहां पहुंच गई और तोडफ़ोड़ करने लगी। तब तो वहां कोई विरोध करने नहीं आया, लेकिन बाद में जब देखा तो पता लगा, करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है। मनोज पटेल ने साफ कह दिया कि चाहे जिससे लड़ाई लडऩी पड़े, यहां स्लाटर हाउस नहीं बनने देंगे। फिर चाहे नगर निगम ही क्यों ना ये काम करवा रही हो। पटेल ने महापौर भार्गव को फोन लगाने के बजाए कमिश्नर शिवम वर्मा फोन किया कि अब यदि यहां एक भी ईंट लगी तो उग्र आंदोलन हो जाएगा। वर्मा ने कहा- आप लोग यदि नहीं चाहते तो वहां बुचडख़ाना नहीं बनवाएंगे। नई जगह तलाश लेंगे। महापौर भार्गव भी इस विरोध के बाद खामोश हो गए हैं। भाजपा के ही दो धड़ों के बीच सियासत बुचडख़ाने को लेकर उग्र होती नजर आ रही है। मनोज पटेल का कहना है, भले ही सरकारी इजाजत है, लेकिन मेरी विधानसभा में स्लाटर हाउस नहीं बनने दूंगा।
कमलनाथ ने रूकवाया था…
कांग्रेस अब स्लाटर हाउस मामले में भाजपा को घेरने लगी है। प्रमोदकुमार द्विवेदी का कहना है कि भाजपा और संघ, माचल के पास बन रहे स्लाटर हाउस का विरोध कर रहे हैं, जबकि इसकी इजाजत कमलनाथ सरकार ने ही निरस्त की थी। शिवराजसिंह चौहान तो इसे बनवा रहे थे। मनोज पटेल की पार्टी सत्ता में है, फिर इतना परेशान क्यों होना पड़ रहा है।