भोपाल। लड़कियों के नाम से बनाता था फेसबुक पर फर्जी ID… न्यूड वीडियो कॉल, स्क्रीन रिकार्डिंग कर करता था ब्लैकमेल; ऐसे गिरफ्त में आया आरोपी

भोपाल। गुनगा थाना पुलिस ने शनिवार को हर्राखेड़ा गांव से अलवर (राजस्थान) निवासी 31 वर्ष के इरशाद को गिरफ्तार किया है। इरशाद ने लड़की के नाम से फर्जी फेसबुक आइडी बना रखी थी। चैटिंग कर दोस्ती करने के बाद वह लोगों को महिलाओं के अश्लील (न्यूड) वीडियो भेजकर स्क्रीन रिकार्डिंग कर ब्लैकमेल कर रुपये वसूल करता था। सिर्फ आठवीं तक पढ़े इरशाद ने ऑनलाइन रुपये मंगाने के लिए फर्जी नाम से खाता भी खुलवा रखा था। शनिवार को एक जागरुक युवक से अड़ीबाजी कर रुपये मांगने के मामले में पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।

कैसे फंसा असलम?

गुनगा थाना प्रभारी एचएस वर्मा ने बताया कि शमशाबाद निवासी 40 वर्षीय असलम निजी काम करता है। फेसबुक का इस्तेमाल करने के दौरान वह किसी निशा जैन की आइडी वाले ग्रुप से रिक्वेस्ट मिलने पर चैटिंग करने लगा था। शनिवार को वह बस से भोपाल की तरफ आ रहा था। रास्ते में टाइम पास करने के लिए वह चैटिंग कर रहा था, तभी उसके मोबाइल पर महिला का न्यूड वीडियो चलने लगा। वह कुछ समझ पाता, तभी वीडियो चलना बंद हो गया, लेकिन कुछ देर बाद उसके पास पुन: वीडियो कॉल आया। उसमें अश्लील वीडियो के साथ असलम का चेहरा भी दिख रहा था। घटना से असलम घबरा गया, तभी फोन पर उससे रुपये की मांग की जाने लगी। धमकी भी दी गई कि वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया जाएगा। आर्थिक रूप से तंग चल रहा असलम ग्राम दुपाड़िया में बस से उतर गया। उसने एक रिश्तेदार से 490 रुपये उधार लेकर ब्लैकमेल करने वाले व्यक्ति के खाते में डाल दिए।

सजगता काम आई, 1930 पर किया संपर्क

रुपये भेजने के कुछ देर बाद असलम को फोन कर और रुपयों की मांग की गई। इस पर असलम ने समझदारी से काम लेते हुए 1930 पर फोन कर साइबर पुलिस में घटना की शिकायत की। साइबर पुलिस ने तत्काल नजदीक के थाने में रिपोर्ट करने और फोन करने वाले की बातचीत रिकॉर्ड करने को कहा। इस बीच असलम ने गुनगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान ब्लैकमेल करने वाले का फिर से फोन आया, तो असलम में उसे क्यूआर कोड भेजने को बोला, ताकि वह किसी और से कहकर खाते में रुपये पहुंचा सके। ब्लैकमेलर ने दूसरे नंबर से क्यूआर कोड भेज दिया। इस बीच असलम ने उससे हुई बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली।

टावर लोकेशन से हुआ पर्दाफाश

इधर गुनगा पुलिस टीम ने साइबर पुलिस से सामंजस्य बिठाते हुए मामले की जांच शुरू की। ट्रू कालर से पता करने पर वारदात में इस्तेमाल मोबाइल नंबर मध्य प्रदेश का निकला। संबंधित नंबर की टावर लोकेशन की जांच की, तो पुलिस भौचक्का रह गई। मोबाइल फोन की लोकेशन गुनगा थाना क्षेत्र के हर्राखेड़ा गांव की मिली। पुलिस ने तत्काल हर्राखेड़ा पहुंचकर जाल बिछाना शुरू कर दिया। कुछ देर में संदेह के आधार पर एक युवक की तलाशी ली। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपराध कबूल कर लिया। उसकी पहचान अलवर निवासी इरशाद के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि एक साल पहले वह रिश्तेदार की शादी में भोपाल आया था, तब यहां से उसने फर्जी दस्तावेज से एक सिम खरीदी थी। उसके आधार पर निशा जैन के नाम से फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर वह ठगी कर रहा था।

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