
केंद्र सरकार ने 9 नवंबर को लेह को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बजाय जम्मू और कश्मीर के हिस्से के रूप में दिखाने के लिए माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर को नोटिस जारी किया इस मामले में ट्विटर को पांच दिन में जवाब देने को कहा है।गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद लद्दाख को केंद्र शासित क्षेत्र (UT) घोषित किया है.
सूत्रों ने बताया कि सरकार ने ट्विटर से पांच कार्यशील दिनों में इस बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा है कि उसने लेह को यूटी के बजाय जम्मू-कश्मीर के हिस्से के रूप में क्यों दिखाया. सूत्रों ने कहा कि यदि ट्विटर ने जवाब नहीं दिया या इससे स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं रहा तो सरकार के पास कई विकल्प हैं- यह सूचना तकनीकी अधिनियम के अंतर्गत ट्विटर का access ब्लॉक कर सकती है और छह माह तक के जेल का प्रावधान का पुलिस दर्ज कराया जा सकता है.
सूत्रों के अनुसार, जैक डोर्सी के स्वामित्व वाली माइक्रो ब्लॉगिग प्लेटफॉर्म को जारी नोटिस में सरकार ने कहा है कि लेह को जम्मू-कश्मीर का हिस्सा दिखाना ट्विटर की ओर से उस संप्रभु संसद की सत्ता को कम करने का इरादतन प्रयास था जिसने लद्दाख को यूटी और लेह को इसका हैडक्वार्टर घोषित किया है. सरकार ने कहा, ट्विटर को बताना चाहिए कि मामले में वेबसाइट और इसके प्रतिनिधियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जाए.