
मशहूर अभिनेता सौमित्र चटर्जी का 85 साल की उम्र में निधन हो गया. पिछले कई महीनों से उनके स्वास्थ्य खराब चल रहा था और वह कोलकाता के निजी अस्पताल में भर्ती थे. सौमित्र चटर्जी दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हैं। सौमित्र चटर्जी को 6 अक्टूबर को कोलकाता के बेले व्यू क्लिनिक अस्पताल में एडमिट करवाया गया था। डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने अभिनेता की हालत सही करने की अपनी आखिरी कोशिश की लेकिन वो इलाज का रिस्पॉन्स नहीं कर रहे थे। कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अभिनेता सौमित्र चटर्जी को 6 अक्टूबर को कोलकाता के बेले व्यू क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। अभिनेता 40 दिनों से हॉस्पिटल में एडमिट थे।
डॉक्टर ने कहा था- कोई चमत्कार ही बचा सकता है:- कोलकाता के बेले व्यू क्लिनिक में सौमित्र चटर्जी के मेडिकल प्रभारी डॉक्टर डॉ. अरिंदम ने शनिवार को 9 बजे मेडिकल बुलेटिन में कहा था कि अभिनेता इलाज पर रिस्पॉन्स नहीं कर रहा है। इस स्थिति में हम किसी चमत्कार की ही उम्मीद कर सकते हैं। डॉक्टर ने कहा था, ‘हमारी सभी कोशिशों के बावजूद उनका (सौमित्र चटर्जी) फिजियोलॉजिकल सिस्टम रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा है। उनकी (चटर्जी की हालत) पहले से खराब होते जा रही थी। उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था और वह जीवन के लिए जूझ रहे खे। ऐसे में उन्हें कोई चमत्कार ही बचा सकता है।’
कोरोना की वजह से और बिगड़ गई सौमित्र चटर्जी की हालत:- डॉक्टर ने बताया कि सौमित्र चटर्जी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। 6 अक्टूबर को अभिनेता पॉजिटिव पाए गए थे और 14 अक्टूबर को एक सप्ताह के बाद उनका कोविड-19 का रिपोर्ट निगेटिव आया था। लेकिन उनके खराब तबीयत की वजह से और , विशेष रूप से COVID-19 प्रेरित एन्सेफैलोपैथी के कारण अस्पताल में ही भर्ती रखा गया था। कोरोना की वजह से ही उनका तंत्रिका तंत्र काम नहीं कर रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि पिछले 40 दिनों से क्रिटिकल केयर मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी की एक एक्सपर्ट टीम सौमित्र चटर्जी का ध्यान रख रहे हैं। चटर्जी के कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि वह ठीक हो रहे हैं और कुछ दिनों में चलने में सक्षम होंगे। लेकिन बाद में धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
दिमाग में भी गतिविधि ना के बराबर:- डॉक्टर ने कहा कि हमने लगभग हर जांच कर रही है लेकिन वो किसी तरह के रिस्पॉन्स नहीं कर रहे हैं। हमने एक सीटी स्कैन और ईईजी किया था, लेकिन उनके मस्तिष्क के भीतर भी गतिविधि ना के बराबर हो रही है। उनकी किडनी भी ठीक से काम नहीं कर रही है। बुधवार को सौमित्र चटर्जी का पहला ट्रेकोस्टॉमी और प्लास्मफेरेसिस किया गया था।