अगस्‍ता वेस्‍टलैंड VVIP चॉपर घोटाला: डील में कमलनाथ के बेटे, खुर्शीद और अहमद पटेल का नाम

अगस्‍ता वेस्‍टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का नाम पूछताछ में सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम मुख्‍य आरोपी राजीव सक्‍सेना से सवाल-जवाब कर रही थी। इस समय जमानत पर बाहर सक्‍सेना को जनवरी 2019 में दुबई से प्रत्‍यर्पित कर लाया गया था। उसकी 358 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। पूछताछ में उसने न सिर्फ मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी का नाम लिया, बल्कि उनके बेटे बकुल नाथ का भी जिक्र किया। यही नहीं, कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं सलमान खुर्शीद और अहमद पटेल का नाम भी सक्‍सेना के बयान में शामिल है।

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने सक्‍सेना को केस में अप्रूवर के तौर पर हटाने की मांग रखी है। आरोप है कि उसने मामले से जुड़े सभी तथ्‍यों का खुलासा नहीं किया। एक हजार से भी ज्‍यादा पन्‍नों में दर्ज सक्‍सेना के बयान के आधार पर द इंडियन एक्‍सप्रेस ने एक रिपोर्ट छापी है। अखबार के मुताबिक, इसमें बैंक स्‍टेटमेंट्स की कॉपीज हैं, ऑफशोर कंपनियों के रिकॉर्ड्स हैं और मुख्‍य खिलाड़‍ियों के बीच साझा ईमेल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें कई हवाला लेनदेन और ऑफशोर का एक पूरा जाल है जो सक्‍सेना ने सह-आरोपी के लिए तैयार किया था। उसने यह कबूल कर लिया है।

नेताओं, ब्‍यूरोक्रेट्स के लिए सक्‍सेना ने डायवर्ट किया पैसा
सक्‍सेना ने बताया है कि कैसे अगस्‍ता वेस्‍टलैंड डील में घूसखोरी का पैसा दो कंपनियों- सक्‍सेना की इंटरस्‍टेलर टेक्‍नोलॉजीज और क्रिश्चियन मिशेल की ग्‍लोबल सर्विसिज के जरिए इधर-उधर किया गया था। मिशेल को दिसंबर 2018 में प्रत्‍यर्पित किया गया था और वह जेल में है। सक्‍सेना ने ईडी को बताया कि ये पैसा ‘उन नेताओं और ब्‍यूरोक्रेट्स के फायदे के लिए भी था जो उस वक्‍त फैसले को प्रभावित करने की स्थिति में थे।’ उसने कहा, ‘इसमें से कुछ रकम, प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष रूप से ढांचागत लेनदेन के जरिए भारत में निवेश के लिए भेजी गई।’

 

सक्‍सेना और गौतम खैतान को अगस्‍ता वेस्‍टलैंड से मिले करोड़ों
17 सितंबर को दाखिल अपनी सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट में सीबीआई ने कहा कि साल 2000 में सक्‍सेना ने इंटरस्‍टेलर टेक्‍नोलॉजीज के 99.9% शेयर खरीद लिए। चार्जशीट के मुताबिक, सक्‍सेना और गौतम खैतान को अगस्‍ता वेस्‍टलैंड से इंटरस्‍टेलर टेक्‍नोलॉजीज के खाते में 12.40 मिलियन यूरो मिले। इस रकम का इस्‍तेमाल बिचौलियों और संदिग्‍ध अफसरों/नेताओं को देने के लिए हुआ। इसके अलावा ग्‍लोबल सर्विसिज के जरिए सक्‍सेना की चार कंपनियों में कुल 9,48,862 यूरो के भुगतान की जानकारी भी है।

नेताओं के नाम का इस्‍तेमाल या कोई और खेल
पूछताछ का फोकस मामले के दो अन्‍य प्रमुख आरोपियों- डिफेंस डीलर सुशेन मोहन गुप्‍ता और कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी से हुए वित्‍तीय लेनदेन पर रहा। दोनों कस्‍टडी में रहे हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। सक्‍सेना का आरोप है कि गुप्‍ता और खैतान ने सत्‍ता के गलियारों में अपनी धमक का एहसास कराने के लिए बार-बार बड़े नेताओं का नाम लिया। सक्‍सेना के मुताबिक, ‘दोनों अक्‍सर सलमान खुर्शीद और कमल अंकल का नाम लिया करते थे, जो मेरे हिसाब से कमलनाथ हैं।’

बकुल नाथ की कंपनी का चुकाया गया लोन
सक्‍सेना ने कहा कि गुप्‍ता और खैतान के साथ उसकी मीटिंग्‍स में वे अक्‍सर भारत में फायदा पाने वाले नेताओं का नाम लेते थे। बकौल सक्‍सेना, “उन्‍होंने ‘AP’ का नाम लिया जो अहमद पटेल के संदर्भ में था।” राजीव सक्‍सेना ने कई कंपनियों के जरिए रतुल पुरी और उसके परिवार की एक कंपनी में पैसे ट्रांसफर किए। अपने बयान में सक्‍सेना ने कमलनाथ के बेटे बकुल नाथ की एक कंपनी प्रिस्‍टीन रिवर इनवेस्‍टमेंट के जर‍िए भी लॉन्ड्रिंग की बात कही। सक्‍सेना के अनुसार, इंटरस्‍टेलर टेक्‍नोलॉजीज और ग्‍लोबल सर्विसिज के पैसों का इस्‍तेमाल प्रिस्‍टीन रिवर के लोन चुकाने में किया गया।

 

कमलनाथ ने अपने भतीजे की कंप‍नी से कोई कनेक्‍शन होने की बात से इनकार किया है। बकुल नाथ से जुड़े सवाल पर उन्‍होंने द इंडियन एक्‍सप्रेस से कहा कि वह ‘दुबई में रहने वाला एनआरआई है। मैं इस बारे में (आरोप) सुना है और जब मैंने उससे पूछा तो उसने कहा कि उसे कंपनी के बारे में कुछ नहीं पता। कोई कागज या बैंक अकाउंट्स नहीं हैं जो उससे कनेक्‍शन दिखाएं। कोई भी ऑफशोर अकाउंट खोललकर किसी को बेनेफिशियरी दिखा सकता है और उसे पता भी नहीं चलेगा।’

सलमान खुर्शीद बोले- हैरान हूं
अपना नाम लिए जाने पर खुर्शीद ने कहा, ‘मैं हैरान हूं कि मेरा नाम जांच में आया है। सुशेन मोहन गुप्‍ता के पिता देव मोहन गुप्‍ता मेरे पारिवारिक मित्र हैं और मैं उनका शुभचिंतक हूं। उन्‍हें अच्‍छी तरह से जानने के लिए अलावा, मेरा मामले में शामिल अन्‍य लोगों जैसे रतुल पुरी या राजीव सक्‍सेना से कोई लेना-देना नहीं है।’ वहीं, रतुल पुरी ने कहा कि हम सभी स्‍थानीय नियमों का पालन करते हैं। उन्‍होंने मामला न्‍यायालय में होने की बात कहकर किसी टिप्‍पणी से इनकार कर दिया।

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