
ब्रिटेन (UK) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए साल 2030 से पेट्रोल-डीजल वाली कारों की बिक्री पर सम्पूर्ण पाबंदी लगाने का ऐलान कर दिया है. ब्रिटेन दुनिया का पहला देश होगा, जहां 10 साल बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें ही चलेंगी. ब्रिटेन सरकार ने बुधवार को 10 सूत्रीय ‘ग्रीन इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन’ योजना लागू करने की घोषणा की. 1.18 लाख करोड़ रुपए की इस योजना से ढाई लाख नई नौकरियां तो पैदा होंगी ही, साथ ही देश 2050 तक कार्बन उत्सर्जन से मुक्त भी हो जाएगा.
प्रस्ताव में पवन ऊर्जा के उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाने और उद्योग, परिवहन, ऊर्जा और घरों के लिए हाइड्रोजन के उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ‘शून्य कार्बन उत्सर्जन’ के लिए भी निवेश का प्रावधान किया गया है. प्लेन्स और शिप्स के लिए भी ऐसी ही योजना है. इसके साथ ही साइकिलिंग और वॉकिंग को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा.
सरकार बड़े और छोटे स्तर के न्यूक्लियर प्लांट के विकास और नए एडवांस्ड मॉड्युलर रिएक्टर के लिए 525 मिलियन पाउंड की राशि खर्च करेगी. हालांकि उसका यह कदम पर्यावरणविदों को नाखुश कर सकता है. पीएम जॉनसन को उम्मीद है कि इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव से ब्रिटेन की क्षेत्रीय असमानता को कम करने और कोरोना महामारी के कारण हुए आर्थिक नुकसान को कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी.