मध्य प्रदेश में एक आदिवासी महिला मंत्री पर 1000 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। भदोही कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव जज लाल राय ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।राय ने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में भ्रष्टाचार बढ़ा है।

व्यापम घोटाले का जिक्र
उन्होंने एक परिवहन आरक्षक की कार से मिले 55 किलो सोने और 11 करोड़ रुपए नकद का उदाहरण दिया। कांग्रेस नेता ने व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश में घूसखोरी और अवैध संपत्ति के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
राय ने आदिवासी महिला मंत्री पर लगे आरोपों को आदिवासी समाज के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी आदिवासी प्रतिनिधित्व का सिर्फ दिखावा कर रही है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के दावे के बावजूद बीजेपी भ्रष्टाचार में लिप्त है।
भ्रष्टाचार बीजेपी के डीएनए में
जज लाल राय ने कहा कि यह भ्रष्टाचार केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। राफेल डील से लेकर पीएम केयर्स फंड तक, उत्तर प्रदेश में भर्ती घोटाले से लेकर गुजरात के भूमि घोटाले तक, बीजेपी शासित हर राज्य भ्रष्टाचार के जाल में उलझा हुआ है।
भ्रष्टाचार की स्थिति खराब
अंतरराष्ट्रीय संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट भी यह स्पष्ट करती है कि भारत में भ्रष्टाचार की स्थिति लगातार खराब हो रही है और इसमें केंद्र व राज्य की बीजेपी सरकारों की भूमिका पर सवाल उठने लाजमी हैं। श्री राय ने कहा कि अगर इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को खुद रिपोर्ट तलब करनी पड़ी, तो यह दर्शाता है कि मामला कितना गंभीर है।
मामले की निष्पक्ष जांच
यह कोई विपक्ष का आरोप नहीं, बल्कि सरकार के भीतर की सड़न का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अब जनता को तय करना है। कि क्या वे एक ऐसी पार्टी को समर्थन देंगे जो जनता की कमाई को लूटने और समाज के भरोसे को तोड़ने में लगी हो।अंत में उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को सख्त सजा मिले और आदिवासी समाज के सम्मान को बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।