इंदौर में ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के घर गुरुवार रात नकली टीआई पहुंचा। खाकी वर्दी पहने वह राजा के पिता से पूछताछ करता रहा। मां ने मोबाइल पर अपने बेटों को इस बारे में सूचना दी। जब वे घर पहुंचे तो शख्स खुद को राजा का मित्र बताने लगा।
राजा के भाई विपिन ने कहा- बजरंग पुलिस को कोई पहचान पत्र नहीं दिखा पाया।
जब उसस पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा गया तो वह घबरा गया। इसके बाद देर रात राजेंद्र नगर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की। राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी की शिकायत पर नकली टीआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे थाने ले आई।
पुलिस के मुताबिक, नकली टीआई की पहचान राजस्थान में रतनगढ़ निवासी बजरंग लाल जाट के रूप में हुई है।
विपिन रघुवंशी ने कहा- गुरुवार शाम लगभग 6 बजे मां उमा रघुवंशी ने फोन पर बताया कि एक पुलिसकर्मी वर्दी में घर आया है। उसके कंधे पर तीन स्टार लगे हैं। जब नाम और पहचान पूछी तो मां ने कहा कि पिताजी उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं।

भाई को संदेह हुआ तो मांगा पहचान पत्र इसके बाद विपिन अपने भाई सचिन को लेकर घर पहुंचे। उन्होंने जब उस व्यक्ति से पूछताछ की, तो उसने खुद को रेलवे में पदस्थ बताते हुए उज्जैन में पोस्टिंग की बात कही। अपना नाम बजरंग लाल बताया। उसने दावा किया कि राजा रघुवंशी उसका दोस्त था और उनकी मुलाकात 2021 में महाकाल मंदिर में हुई थी।
विपिन ने इस पर संदेह जताते हुए कहा कि उस समय कोविड का लॉकडाउन चल रहा था और राजा कहीं आता-जाता नहीं था। जब बजरंग से आईडी कार्ड मांगा तो वह कोई उत्तर नहीं दे सका। उसने बात को घुमाना शुरू कर दिया।
बोला- राजा की मौत का दुख बांटने आया बजरंग लाल ने कहा कि वह राजा की मौत का दुख साझा करने आया है। जब विपिन ने सवाल-जवाब किए, तो वह बहस करने लगा। इसके बाद विपिन ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और जब जांच की गई तो पता चला कि बजरंग लाल रेलवे का कर्मचारी नहीं है। न ही वह कोई पुलिस अधिकारी है। उसके पास कोई नियुक्ति आदेश या पहचान पत्र भी नहीं था।

पूछताछ में माना- झूठ बोल रहा था राजेंद्र नगर थाना टीआई नीरज बिरथरे ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी ने स्वीकार किया कि वह झूठ बोल रहा था। उसने बताया कि सोशल मीडिया पर राजा की मौत की खबर देखकर वह परिवार को ठगने के इरादे से आया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बजरंग लाल पहले भी नकली पुलिसकर्मी बनकर वारदात कर चुका है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
शिलॉन्ग में खाई में मिला था राजा का शव इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम के साथ शादी हुई थी। 20 मई को राजा और सोनम हनीमून के लिए इंदौर से मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को दोनों सोहरा की यात्रा पर निकले थे। उन्होंने एक एक्टिवा भी किराए पर ली थी।

पेड़ काटने वाले हथियार से की गई राजा की हत्या 24 जून को नव दंपती से परिवार का संपर्क टूट गया था। 27 मई से दोनों की सर्चिंग शुरू की गई। 29 मई को तेज बारिश के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी थी। इसके बाद 30 मई को दोबारा सर्चिंग शुरू की गई। 2 जून को खाई में राजा का शव मिला। 3 जून को राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी।
सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली थी। इसके बाद परत-दर-परत मामले में कई खुलासे हुए। इन खुलासों ने रघुवंशी परिवार सहित सभी को चौंका दिया था। इसमें मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन की जमानत हो चुकी है।
