पुणे में आवारा कुत्तों का आतंक: चिखली मोरे वस्ती में युवक पर सात कुत्तों का हमला, VIDEO वायरल – स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से कार्रवाई की मांग तेज की

हर साल आवारा कुत्तों के हमले में कई लोगों की मौत हो जाती है. छवि नाम की लड़की को पिछले साल 30 जून को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पूठ कलां में अपनी मौसी के घर जाते समय एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. कुछ हफ्ते बाद छवि की मौत हो गई थी

आवारा कुत्तों के हमले में युवक घायल हो गया है.पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ के चिखली मोरे वस्ती इलाके में युवक पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया.

  • युवक ने आवारा कुत्तों से बचने के लिए फ्लेक्स बोर्ड और मोटरसाइकिल का सहारा लिया.
  • स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से इलाके के आवारा कुत्तों को हटाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसा हमला न हो.

पुणे:पुणे में एक बार फिर आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला. पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक युवक पर अचानक से हमला कर दिया. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें एक युवक पर सात आवारा कुत्ते हमला करते हुए नजर आ रहे हैं. ये मामला चिखली मोरे वस्ती इलाके का है. जानकारी के अनुसार युवक सुबह करीब पांच बजे काम पर जा रहा था. तभी कुछ आवारा कुत्ते आए और उन्होंने हमला कर दिया. हमले में युवक घायल हो गया है.

बाइक की मदद से बचाई जान

कुत्तों से खुद को बचाने के लिए युवक ने फ्लेक्स बोर्ड और मोटरसाइकिल का सहारा लिया. बाइक की मदद से कुत्तों को दूर करने की कोशिश की. लेकिन कुत्ते वहां से हटने को तैयार नहीं थे और उसपर हमला करने लगे. वहीं कुछ मिनट बाद लोग अपने घरों से बाहर आए. तब जाकर युवक को कुत्तों से बचाया गया. लेकिन कुत्ते वहां मंडराते रहे. इस घटना से एक बार फिर कुत्तों के हमले का मुद्दा गर्मा गया है. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल इन आवारा कुत्तों पर काबू पाए.

बता दें हर साल आवारा कुत्तों के हमले में कई लोगों की मौत हो जाती है. छवि नाम की लड़की को पिछले साल 30 जून को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पूठ कलां में अपनी मौसी के घर जाते समय एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. कुत्ते ने बिना किसी उकसावे के छवि पर हमला कर दिया था. भारी मात्रा में खून बहने पर उसे डॉ. बीआर आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका रेबीज रोधी इलाज शुरू किया गया. हालांकि, कुछ हफ्ते बाद उसकी हालत बिगड़ गई और 21 जुलाई को स्कूल लौटने पर उसे उल्टियां होने लगीं. छवि के हाथ-पैर चलने बंद हो गए और उसने बात करना भी बंद कर दिया। चार दिन बाद उसकी मौत हो गई.

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