
तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन का आज चौथा दिन है. आंदोलनरत किसान हरियाणा-दिल्ली की सीमा सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर ही डटे हुए हैं. हालांकि, कुछ किसान बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड मैदान में भी भी हैं. शनिवार को किसानों के कई संगठनों ने फैसला किया था कि वे बुराड़ी नहीं जाएंगे और बॉर्डर पर ही डटकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे. किसानों ने अब रोजाना सुबह 11 बजे मीटिंग करने और आगे की रणनीति तय करने का फैसला किया है.
इस बीच, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) ने सिंघु बॉर्डर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों को लंगर कराया. उधर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने किसानों का समर्थन किया है और केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है. इससे पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किसानों को बुराड़ी मैदान में आने की शर्त के साथ तीन दिसंबर को बातचीत का प्रस्ताव रखा था. इस पर किसान नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है और कहा है कि वो किसी शर्त के साथ वार्ता में शामिल नहीं होंगे.
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि किसानों के साथ सरकार आतंकवादियों जैसाा व्यवहार कर रही है. राउत ने कहा कि जिस तरह से किसानों को दिल्ली में आने से रोका गया है ऐसा लगता है कि वे देश के किसान नहीं बल्कि बाहर के किसान हैं. उनके साथ आतंकवादी जैसा बर्ताव किया गया है जो.देश के किसानों का अपमान करना.