इंदौर के राऊ सर्कल पर 8 महीने पहले बनकर तैयार हुआ फ्लाईओवर पर अब दोनों तरफ गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस कारण पिछले 15 दिन में 10 से ज्यादा दुर्घटना हो चुकी हैं। 47 करोड़ से बने फ्लाईओवर में दोनों तरफ बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। ब्रिज पर रोजाना हादसे हो रहे हैं। पिछले 15 दिन के अंदर ही 10 से ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं। इसमें एक युवक की मौत भी हो चुकी है। अब इस फ्लाईओवर की कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से शिकायत करते हुए जांच की मांग की है।

फ्लाईओवर का मेंटेनेंस 5 साल के लिए टेंडर शर्तों में भी शामिल है, लेकिन इसके बाद भी फ्लाईओवर पर कोई मेंटेनेंस नहीं किया गया।
इंदौर से पीथमपुर या महू जाते समय जब इस ब्रिज पर चलना शुरू करते हैं तो शुरुआत में ही डामर पूरी तरफ से खुद गया है। थोड़ी से आगे चलकर बड़ा सा गड्ढा आता है। जिसमें छोटी गाड़ियां फंस जाती हैं। बीच में छोटे साइज के गड्ढे हैं, जिन्हें पेवर ब्लॉक लगाकर कवर किया हुआ है। इसके बाद भी गाड़ियां पर गुजरती समय अपना बैलेंस खो देती है। वहीं फ्लाईओवर की आखिरी तरफ एक बड़ा सा चौड़ा गड्ढा हो गया है। जिसमें छोटी गाड़ियों के साथ ही बड़ी गाड़ियां भी बैलेंस खो देती है।
पीथमपुर/महू से इंदौर की तरफ पीथमपुर/महू से इंदौर की तरफ आते समय सबसे ज्यादा समस्या है। यहां शुरुआत में ही सबसे बड़ा गड्ढा है जिसे एजेंसी ने पिछले दिनों ब्लॉक लगाकर भरा था, लेकिन यहां पर दोबारा गड्ढा हो गया है। फ्लाईओवर के बीच में सबसे बड़ा गड्ढा है। फ्लाईओवर के बीचों-बीच 100 से 125 मीटर तक गड्ढे ही गड्ढे हैं। नीचे उतरते समय अंत में पूरी तरह से फ्लाईओवर उधड़ चुका है। गड्ढों के साथ ही डामर भी गायब है। इसी तरफ सबसे ज्यादा हादसे भी हो रहे हैं।
सर्विस रोड की हालत भी खराब राऊ सर्कल के फ्लाईओवर की दोनों तरफ की सर्विस रोड की हालत भी सबसे ज्यादा खराब है। गड्ढे इतने बड़े हैं कि छोटे वाहन इन फंस जाते हैं। जिन्हें निकालने के लिए वाहन चालकों को अन्य लोगों की मदद लेना पड़ती है। सर्विस रोड पर 5-5 फीट चौड़े गड्ढे हैं। रोजाना दो से तीन वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। पानी भरा होने के कारण गड्ढों का पता ही नहीं चल पाता, जिससे छोटे वाहन इनमें फंस जाते हैं।
विधायक बोले-जल्द शुरू होगा पेंचवर्क
इंदौर राऊ के विधायक मधु वर्मा का कहना है कि हमने एनएचएआई और फ्लाईओवर एजेंसी को बोल दिया है कि ऐसी लापरवाही बिलकुल नहीं चलेगी। जल्द से जल्द गड्ढों को ठीक किया जाएगा। डामर का पेंचवर्क शुरू हो जाएगा। इस मामले को लेकर सांसद लालवानी ने कहा है कि सात माह में ब्रिज में गड्ढे होने की शिकायत मिली थी। मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कहा है कि इसके निर्माण कार्य का परीक्षण कराया जाना चाहिए। एनएचएआई अधिकारी प्रवीण यादव की से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
कांग्रेस ने कहा यह ट्रिपल इंजन की सरकार का विकास है
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने राऊ सर्कल ब्रिज को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मांग की है कि 6 महीने में ब्रिज पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, इसकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए। वहीं इस ब्रिज को बनाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी पर कार्यवाही करते हुए उसे ब्लैक लिस्टेड किया जाना चाहिए। चौरसिया ने अपने पत्र में लिखा है कि राऊ फ्लाईओवर का निर्माण रीवा की कंपनी को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा 8 अप्रैल 2022 को सौंपा गया था। इस परियोजना का मूल उद्देश्य राऊ सर्कल पर लगातार लगने वाले जाम और हादसों की स्थिति को कम करना था। लेकिन एजेंसी द्वारा घटिया निर्माण कार्य किया गया, जिसके चलते फ्लाईओवर पर आज स्थिति इतनी भयावह है कि निर्माण के महज कुछ ही महीनों बाद सड़क पर विशालकाय गड्ढे बन गए हैं।
रीवा की कंपनी ने तैयार किया फ्लाईओवर राऊ सर्कल पर बनकर तैयार हुए फ्लाईओवर को रीवा की कंपनी द्वारा बनाया गया था। इस चौराहे से हर दिन 70 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। यह फ्लाईओवर 1.22 किमी लंबा है। इसके टेंडर में 5 साल तक मेंटेनेंस की शर्तें भी शामिल थीं। राऊ सर्कल पर 1.22 किमी के इस फ्लाईओवर का ठेका 47 करोड़ रुपए में दिया गया था। इस ब्रिज का लोकार्पण 21 दिसंबर 2024 को किया गया था। ब्रिज बनने के 8 महीने के अंदर ही इसमें बड़े बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिनसे रोजाना हादसे हो रहे हैं।
स्पीड में गाड़ी जाती है और गड्ढे आ जाते हैं राऊ सर्कल पर से रोजाना गुजरने वाले गौरव परमार ने बताया कि वह रोजाना यहां से गुजरते हैं। ब्रिज सालभर भी नहीं हुए है शुरू हुए। लेकिन यहां पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। स्पीड में गाड़ियां जाती हैं तो गड्ढे आ जाते हैं। वहीं स्पीड में नीचे जाती समय है तो बड़े गड्ढे आते हैं जिससे हादसे का शिकार होने के चांस बनते हैं। इंदौर से पीथमपुर रोजाना जाने वाले पलाश शास्त्री ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या इस फ्लाई ओवर पर पीथमपुर से इंदौर की तरफ वाली लाइन में आती है। ब्रिज के इस तरफ कम से कम 150 मीटर तक की रोड़ खुदी हुई है और गड्ढे में तबदील हो गई है। इसी तरफ सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। राऊ के पिगडंबर में रहने वाले अभय परमार ने बताया कि ब्रिज से नीचे की तरफ उतरती समय सबसे ज्यादा गड्ढे हैं जिनके कारण बड़ी गाड़ी वाले एक दम से अपनी साइड बदल लेते हैं जिससे छोटी गाड़ी वाले उनकी चपेट में आकर हादसे का शिकार हो जाते हैं।