पूरा मामला साफ तौर पर मजबूर मासूम गरीबों के बैंक खाते के दुरुपयोग से संबंधित है। जिस तरह से एक गरीब रसोइये का पांच हजार रुपए की लालच देकर खाता खुलवाया गया उसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। इस गिरोह के पीड़ित अन्य कई और लोग भी हो सकते हैं।

ग्वालियर मध्य प्रदेश: आयकर विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस कई बार सुर्खियों में रहते हैं। ऐसा ही एक नोटिस इस समय सुर्खियों। में है जहां भिंड शहर के गांधीनगर में रहने वाले ढाबे के रसोइये रविन्द्र चौहान को आयकर विभाग ने 46 करोड़ के लेन देन पर नोटिस दिया है। इस नोटिस की जानकारी मिलते ही पीड़ित रविंद्र चौहान और उसका परिवार हैरान हो गया। जिस परिवार कि पूरे जीवन की कमाई 1 करोड़ भी न हो यदि वह करोड़ों के लेन देन की बात अपने बारे में सुने तो हैरान होना स्वाभाविक है। जहां एक और यह नोटिस चर्चा का विषय है। तो वही इस नोटिस ने एक कंपनी के बड़े फर्जीवाड़े को भी उजागर किया है।
यह लेनदेन उसके उस बैंक खाते से हुआ है जिसे वह भूल चुका था पता चला है कि 7 साल पहले एक टोल कंपनी में काम करने के दौरान बिहार निवासी सुपरवाइजर ने दिल्ली के उत्तम नगर वेस्ट की पीएनबी ब्रांच में उसके नाम से एक खाता खुलवाया था जिसमें फर्जी तरीके से शौर्या इंटरनेशनल ट्रेडर्स ने करोड़ों का लेन देन किया और यही वजह रही कि उसके इस लेन-देन के कारण ही अब उसको। यह हम आयकर विभाग का नोटिस मिला है हालांकि पीड़ित ने ग्वालियर के सिरोल थाने में शिकायत दर्ज करा दी है।

रविंद्र चौहान का कहना है कि 2017 में वह एक टोल प्लाजा में रसोइया था। वहीं बिहार के बक्सर जिले के सुपरवाइजर शशिभूषण राय ने पीएफ। के पैसों के अलावा हर माह ₹5000 तक की अतिरिक्त इनकम का लालच देकर दिल्ली ने उसका खाता खुलवाया। 3 अन्य लड़के भी दिल्ली के उत्तम नगर वेस्ट की पंजाब नेशनल बैंक की बांच पे। वह अपने साथ ले गया 8 10 माह बाद रुपये नहीं आए। वह खाता बंद करवाने के लिए दिल्ली जाकर बैंक अधिकारी से मिला। उस समय बताया गया कि खाता बंद करवाने के लिए जीएसटी शाखा की परमिशन लगेगी शशिभूषण से जब पीड़ित रविंद्र चौहान ने संपर्क किया तो उसने कहा कि वह खाता बंद करवा देगा तुम परेशान मत हो।
यह पूरा मामला साफ तौर पर मजबूर मासूम गरीबों के बैंक खाते के दुरुपयोग से संबंधित है। जिस तरह से एक गरीब रसोइये का पांच हजार रुपए की लालच देकर खाता खुलवाया गया उसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। इस गिरोह के पीड़ित अन्य कई और लोग भी हो सकते हैं। जिस शशि भूषण राय ने खाता खुलवाया उसका भी कहना है तो उसके साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी हो गई है। इसका मतलब साह है कि जिस कंपनी के नाम से यह नोटिस आए हैं उस कंपनी ने अपने लेन देन के लिए इस तरह से अन्य मजबूरों के लिए गए बैंक अकाउंट का उपयोग किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।