
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कहा है कि 2021 की बोर्ड परीक्षाएं पारंपरिक तरीके से लिखित मोड में ही आयोजित की जाएंगी, ऑनलाइन नहीं होंगी. बोर्ड ने साफ कहा कि परीक्षाओं को ऑनलाइन तरीके से आयोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, “2021 की बोर्ड परीक्षाएं नियमित रूप से लिखित तरीके से होंगी ना कि ऑनलाइन होंगी.परीक्षा के संचालन के लिए तारीखों पर विचार-विमर्श अभी चल रहा है.बोर्ड के अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर परीक्षा से पहले कक्षाओं में प्रयोगात्मक कार्यों के लिए छात्र उपस्थित नहीं हो पाए तो विकल्प तलाशे जाएंगे.
सीबीएसई (CBSE) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के आयोजन की तारीखों के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है. परीक्षाएं जब भी होंगी लिखित रुप से होंगी. परीक्षा सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आयोजित की जाएगी .
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (Ramesh Pokhriyal Nishank) अगले साल होने वाली बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दे पर 10 दिसंबर को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत करने वाले हैं.
इससे पहले शिक्षा निदेशक ने कहा था कि बोर्ड एग्जाम मई महीने में होना चाहिए. कोरोना से पहले बोर्ड एग्जाम आम तौर पर फरवरी महीने में शुरू होते रहे हैं. लेकिन, अगले साल होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैठने वाले छात्रों ने इस साल शारीरिक तौर पर क्लास में बैठकर पढ़ाई नहीं की है.
इस साल बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए सिलेबस को 30 प्रतिशत कम कर दिया गया है. हालांकि प्रैक्टिकल एग्जाम में कोई परिवर्तन नहीं होगा. दिल्ली सरकार ने सिलेबस को और कम करने की मांग की है.छात्रों की चिंताओं को देखते हुए सीबीएसई ने सवालों के पैटर्न में बदलाव किए हैं और बहुविकल्पीय सवालों के लिए नंबर बढ़ा दिए हैं