देहरादून, हिमाचल और महाराष्ट्र में भारी बारिश से तबाही: सहस्त्रधारा में बादल फटा, टपकेश्वर मंदिर डूबा, मंडी में लैंडस्लाइड से 3 मौतें, धर्मपुर में बसें बहीं, रेलवे ट्रैक डूबे, राहत और रेस्क्यू तेज

उत्तराखंड के देहरादून में सहस्त्रधारा के नजदीक मंगलवार सुबह 5 बजे बादल फटा। इससे तमसा नदी, कारलीगाड़ नदी, सहस्त्रधारा नदी में जलस्तर बढ़ गया।

सहस्त्रधारा समेत आसपास के इलाके तपोवन, आईटी पार्क, घंगौरा, घड़ीकैंट इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कें बह गईं। तमसा नदी के किनारे बने टपकेश्वर महादेव मंदिर में पानी भर गया। यहां मौजूद दुकानें बह गईं। 2 लोग लापता हैं। सहस्त्रधारा में 5 लोगों को बचाया गया।

SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी ने बताया, “सुबह 5 बजे नदी में बाढ़ आई, पूरा मंदिर डूब गया, कई मूर्तियां बह गईं। हालांकि, गर्भगृह सुरक्षित है। पानी उतरने पर मंदिर में 2 फीट मलबा दिखा।”

सहस्त्रधारा नदी में कुछ लोग फंस गए। रेस्क्यू टीम ने दो घंटों में बचाया।

देहरादून-हरिद्वार हाइवे पर एक पुल बह गया

देहरादून के पास देवभूमि इंस्टीटयूट से छात्रों को SDRF ने रेस्क्यू किया।

देहरादून में बादल फटने से आई बाढ़ में कार फंस गई। एक शख्स कार को बहने से बचाने की कोशिश करता नजर आया।

भारी बारिश के बाद देहरादून के टपकेश्वर मंदिर को नुकसान पहुंचा। मंदिर में मलबा भर गया।

उधर, हिमाचल के मंडी के धर्मपुर बस स्टैंड में भी रात में हुई बारिश के बाद मलबा भर गया। बाढ़ में कई बसें दूर तक बह गईं। राज्य में 3 नेशनल हाईवे बंद हैं। 493 सड़कों पर आवाजाही ठप है।

मंडी के ही निहरी में लैंडस्लाइड के कारण 3 की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, पास की एक चट्टान का मलबा एक घर पर गिर गया, जिससे वह ढह गया। इसमें एक ही परिवार के 5 लोग मलबे में दब गए।

सोमवार को भारी बारिश ने महाराष्ट्र के मुंबई में रेलवे ट्रैक, सब-वे और सड़कों पर पानी भर गया। बीड में 11 ग्रामीणों को वायुसेना ने एयरलिफ्ट किया

मंडी के धर्मपुर में बस स्टैंड में बसें बाढ़ के पानी में बहकर काफी दूर तक चली गईं। पानी कम होने पर चारों तरफ मलबा फैला दिखाई दिया।

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