
देश में जारी किसान आंदोलन का असर अब भारत और कनाडा के रिश्तों पर पड़ने लगा है. देश में किसानों के विरोध प्रदर्शन पर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की टिप्पणी को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. भारत ने कनाडा के उच्चायुक्त को तलब कर सख़्त शब्दों में चेतावनी दी थी कि इस तरह की बात आगे जारी तो भारत और कनाडा के संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा. इसी को लेकर जब ट्रुडो से सवाल पूछा गया तो वे अपने पुराने बयान पर क़ायम नज़र आए.
ट्रूडो ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों और मानवाधिकारों के साथ हमेशा खड़े रहने की बात की है.ट्रूडो ने कहा “कनाडा दुनिया में कहीं भी किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ा रहेगा.”वह तनाव घटाने और बातचीत की दिशा में क़दम बढ़ता देखना चाहेगा.
गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि किसानों के मुददे पर कनाडा के नेताओं द्वारा की गई टिप्पणी की वजह से कनाडा में हमारे मिशन के सामने भीड़ जमा होने को बढ़ावा मिला, जिससे सुरक्षा का मुद्दा खड़ा होता है. गौरतलब है कि भारत में किसान आंदोलन को लेकर एक दिसंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की प्रतिक्रिया आई थी. इस बारे में सामने आए एक वीडियो में ट्रूडो कहते नजर आ रहे हैं कि ‘कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के बचाव में खड़ा है.’