एमवायएच ही नहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अन्य अस्पतालों एमटीएच, सुपर स्पेशिएलिटी, चाचा नेहरू और कैंसर अस्पताल में भी कई खामियां सामने आई हैं। डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और संसाधन के बावजूद मरीजों को उचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके बावजूद एमजीएम प्रबंधन एनएबीएच (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर) सर्टिफिकेट के लिए तैयारी का दावा कर रहा है।

भास्कर टीम ने जब इन अस्पतालों को स्कैन किया तो दिखाई दिया कि कई अव्यवस्थाएं नजर आईं। सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में कई जगह फायर उपकरण गायब मिले। एमटीएच अस्पताल परिसर में कचरे के ढेर लगे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक संसाधनों और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होगा, तब तक यह सर्टिफिकेट मिलना मुश्किल है। इन्हीं खामियों के कारण वर्षों से एमजीएम प्रबंधन NABH सर्टिफिकेट के लिए आवेदन तक नहीं कर सका है।
इन अस्पतालों में मरीजों को जरूरी सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा
चाचा नेहरू – हर तरह के कचरे के लिए एक डस्टबिन

अस्पतालों में नियमानुसार पांच प्रकार के डस्टबिन होने चाहिए, लेकिन बच्चों के चाचा नेहरू अस्पताल में एक ही डस्टबिन में हर तरह का कचरा फेंका जा रहा था।
कैंसर अस्पताल – मरीजों को गाउन तक नहीं दे रह

कैंसर अस्पताल में मरीजों को गाउन तक नहीं दिया जा रहा है। गंभीर मरीजों को भी अन्य मरीजों की तरह सामान्य भोजन दिया जा रहा है। यहां सुरक्षा के इंतजाम भी ठीक नहीं हैं।
एमटीएच – पूरे इंदौर से गायब कचरा पेटी यहां दिखाई दी
एमटीएच अस्पताल में कैंटीन के पीछे लगातार कचरा डंप किया जा रहा है। पूरे शहर से कचरा पेटियां हटा दी गई हैं, लेकिन यहां इनमें से कचरा बाहर गिर रहा है।
एनएबीएल की तैयारी शुरू
अस्पताल में होने वाली जांचों की गुणवत्ता बढ़ाने और पारदर्शिता रखने के लिए एनएबीएल की मान्यता काफी मायने रखती है। प्रबंधन एमवायएच की लैब के लिए यह मान्यता लेने की तैयारी में है। इसके बाद एनएबीएच सर्टिफिकेट पर काम करेंगे। डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम कॉलेज