“इंदौर-खंडवा रोड होली तक पूरी: मोरटक्का ब्रिज, सिमरोल वायडक्ट और तीन सुरंगें अंतिम चरण में, यात्रा में 10 घंटे की बचत”

इस दिवाली निमाड़-मालवा वालों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि इंदौर-खंडवा रोड का काम इस होली तक पूरा हो जाएगा, जिससे इस रोड का अंधेरा (सफर की मुश्किलें) खत्म होने जा रहा है। दरअसल, इस रोड पर अक्टूबर महीने तक मोरटक्का के नर्मदा ब्रिज और सिमरोल के वायडक्ट (Viaduct) पर गर्डर लॉन्चिंग का काम आखिरी स्टेज में पहुंच गया है। NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के मुताबिक, अगले चार महीने के भीतर तीनों सुरंग, नर्मदा पुल और वायडक्ट बनकर तैयार हो जाएंगे।

अगले चार महीने के भीतर तीनों सुरंग, नर्मदा पुल और वायडक्ट बनकर तैयार हो जाएंगे।

सिमरोल वायडक्ट: 450 मीटर हिस्से पर 160 गर्डर लॉन्च एनएचएआई के मुताबिक, इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर के तहत तेजाजी नगर से बलवाड़ा तक 6 लेन हाईवे बन रहा है। इसी हिस्से में सिमरोल टनल के बाद बनाए जा रहे वाया डक्ट पर 160 गर्डर की लॉन्चिंग पूरी हो चुकी है। यह कुल 450 मीटर का वायाडक्ट है, जिसमें 30-30 मीटर का एक-एक स्पान (हिस्सा) है।

यहां 80 से 100 टन वजनी प्रत्येक गर्डर को 2 क्रेन की मदद से खाई से 30 मीटर ऊपर बने दो पियर के बीच रखा गया। यह पूरी प्रक्रिया मार्च में शुरू हुई थी और पिछले सप्ताह ही पूरी हुई है। निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग ने अगले साल मार्च तक इस हिस्से से ट्रैफिक शुरू करने का दावा किया है।

सिमरोल टनल के बाद बनाए जा रहे वाया डक्ट पर 160 गर्डर की लॉन्चिंग पूरी।

मोरटक्का ब्रिज और 45 KM रोड भी मार्च तक होगा पूरा इधर, नर्मदा नदी पर मोरटक्का में बन रहे ब्रिज का कार्य भी मार्च तक पूरा कराने का दावा किया गया है। इस ब्रिज के साथ ही बलवाड़ा से धनगांव के बीच बन रहा 45 किलोमीटर का फोरलेन भी कम्प्लीट होगा। खंडवा एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशुतोष सोनी के मुताबिक, बलवाड़ा-धनगांव प्रोजेक्ट 45 किलोमीटर का है, जिस पर सड़क निर्माण लगभग पूरा हो गया है। एक रेलवे ब्रिज का काम अधूरा है और बाकी नर्मदा नदी का ब्रिज है। नर्मदा नदी पर चार स्पान बाकी हैं, जो पांचवां स्पान था, उसे पिछले महीने कम्प्लीट किया है।

“जनवरी तक टू-लेन, मार्च में कम्प्लीट कर देंगे” दैनिक भास्कर से बातचीत में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशुतोष सोनी ने कहा कि, “नर्मदा ब्रिज पर बाकी चारों स्पान का निर्माण अगले दो महीने में पूरा हो जाएगा। जनवरी के तीसरे सप्ताह तक इस ब्रिज का एक हिस्सा यानी टूलेन पर ट्रैफिक खोल दिया जाएगा। वहीं बाकी मार्च तक नर्मदा के साथ धनगांव-बलवाड़ा प्रोजेक्ट को कम्प्लीट कर देंगे। यानी आने वाले होली त्योहार तक खंडवा-इंदौर फोरलेन कम्प्लीट हो जाएगा।” उन्होंने बताया कि खंडवा जिले में धनगांव से बोरगांव बुजुर्ग का हिस्सा दो साल पहले कम्प्लीट हो चुका है।

इंदौर-हैदराबाद के बीच की दूरी कवर करने में 8 घंटे का समय बचेगा।

इसलिए जरूरी है यह हाईवे इंदौर से हैदराबाद को जोड़ने के लिए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके तहत इंदौर के भंवरकुआं से तेजाजी नगर, सिमरोल, बलवाड़ा होते हुए धनगांव तक 80 किमी हिस्सा एनएचएआई इंदौर यूनिट के पास था। वहीं, धनगांव से फिर महाराष्ट्र के मुक्ताईनगर का हिस्सा खंडवा यूनिट में था। लेकिन हाल ही में बलवाड़ा से धनगांव का हिस्सा अब इंदौर से खंडवा यूनिट को शिफ्ट कर दिया गया है।

यह है इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर का रूट इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर की बात की जाए तो खंडवा के आगे मुक्ताईनगर और फिर अंततः तेलंगाना में ये सड़क बन रही है। यह हाईवे इंदौर से बड़वाह और बुरहानपुर होते हुए इच्छापुर तक जाएगा। इसके आगे महाराष्ट्र के मुक्तईनगर, जलगांव, अकोला, हिंगोली और नांदेड, वहीं तेलंगाना के मंगलूर, रामसनपल्ली, संगारेड्डी होते हुए हैदराबाद तक पहुंचेगा।

इंदौर-हैदराबाद के सफर में 8 घंटे बचेंगे 713 किमी की इस सड़क में अभी कई जगह स्टेट हाईवे हैं, जिन्हें एनएचएआई द्वारा नेशनल हाईवे की तर्ज पर बनाया जा रहा है। मौजूदा सड़क से अभी इंदौर-हैदराबाद के बीच 876 किमी का रास्ता है, जो हाईवे बन जाने के बाद 157 किमी कम हो जाएगा। इससे 18 घंटे का रास्ता 8 घंटे कम हो जाएगा और 10 घंटों में इंदौर से हैदराबाद पहुंचा जा सकेगा।

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