ओला इंजीनियर की आत्महत्या से हिला कॉर्पोरेट जगत — 28 पन्नों के सुसाइड नोट में CEO भाविश अग्रवाल पर मेंटल टॉर्चर, आर्थिक शोषण और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप; FIR दर्ज, कंपनी ने दी सफाई

नई दिल्‍ली । भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी ओला (Ola company) में काम रहे एक इंजीनियर (Engineer) ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली है। मरने से पहले उसने एक 28 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उसने अपने सीनियर्स के ऊपर मेंटर टॉर्चर और आर्थिक शोषण (Mentor Torture and Financial Abuse) का आरोप लगाया। इस मामले में युवा इंजीनियर के भाई ने कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल (CEO Bhavish

Aggarwal) और अन्य सीनियर्स के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया है। इस मामले पर ओला की तरफ से भी एक बयान जारी किया गया है। ओला ने कहा कि अरविंद उनके यहां ही काम करता था, लेकिन उसने कभी भी नौकरी या मेंटल टॉर्चर के बारे में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई।

इस घटना पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि अरविंद 2022 से होमोलोगेशन इंजीनियर के रूप में ओला में काम कर रहे थे। 28 सितंबर को उन्होंने बेंगलुरू स्थित अपने फ्लैट पर जहर खा लिया। उनके दोस्त जब उनसे मिलने पहुंचे तो उन्होंने उसे बेचैनी की हालत में देखा। इसके बाद वह उसे लेकर हॉस्पिटल गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उसी दिन उसकी मौत हो गई।

अरविंद की मौत के बाद उनके भाई अश्विन को 28 पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला। इसमें अरविंद में अपने सीनियर सुब्रत कुमार दास और भाविश अग्रवाल पर ऑफिस में टॉर्चर करने और दवाब डालने का आरोप लगाया था। नोट में अरविंद ने लिखा कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और वेतन और अलाउंस देने से भी मना कर दिया गया था, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया।

कंपनी ने खाते में डाले पैसे
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक अश्विन ने बताया कि अरविंद की मौत के दो दिन बाद ही उनके खाते में 17,46,313 रुपए ट्रांसफर किए गए। इसके बारे में जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया, को दास ने कोई साफ जवाब नहीं दिया। इसके बाद वह दूसरे सीनियर्स के घर पर भी गए, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद परिवार वालों को कंपनी की मंशा पर संदेह हुआ।

इसके बाद अश्विन ने अपने भाई की हत्या के संदेह में 6 अक्तूबर को भाविश अग्रवाल, दास और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। एफआईआर में अश्विन ने आरोप लगाया कि ऑफिश में लगातार अरविंद के साथ मानसिक टॉर्चर किया गया और उसके सीनियर इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उनके परिवार ने पुलिस से दास और अग्रवाल सहित आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने का आग्रह किया और उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराया।

ओला ने क्या कहा
ओला ने एक बयान जारी कर इंजीनियर की मौत पर शोक व्यक्त किया है। कंपनी ने बयान में कहा, “हम अपने सहयोगी अरविंद के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से दुखी हैं और इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।”

कंपनी के संस्थापक भाविश अग्रवाल के खिलाफ दर्ज केस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी ने कहा, “ओला इलेक्ट्रिक और उसके अधिकारियों के पक्ष में सुरक्षात्मक आदेश पारित किए गए हैं। परिवार को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए, कंपनी ने तुरंत उनके बैंक खाते में पूर्ण और अंतिम भुगतान की सुविधा प्रदान की। ओला इलेक्ट्रिक अधिकारियों के साथ उनकी चल रही जाँच में पूरा सहयोग कर रही है और सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और सहायक कार्यस्थल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।”

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