जबलपुर: ई-अटेंडेंस नोटिस पर शिक्षिका ज्योति पांडे बोलीं—‘मोबाइल मेरा, डेटा मेरा, थर्ड पार्टी एप को एक्सेस नहीं दूँगी’; टीचर संघ का समर्थन, जिला शिक्षा अधिकारी बोले—शासन आदेश का पालन अनिवार्य

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है और अधिकांश शिक्षक इसका पालन भी कर रहे हैं। इसी बीच जबलपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, महाराजपुर में पदस्थ शिक्षिका ज्योति पांडे को ई-अटेंडेंस न लगाने पर प्राचार्य ने नोटिस थमा दिया। लेकिन शिक्षिका का जो जवाब आया, उसने सभी को चौंका दिया।

मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, महाराजपुर का है।

ज्योति पांडे ने वॉट्सएप से भेजे जवाब में कहा,

मोबाइल मेरा है, डेटा मेरा है और इसमें बैंक खातों से लेकर परिवार की तस्वीरें और निजी दस्तावेज हैं। ऐसे में थर्ड पार्टी एप को एक्सेस नहीं दे सकती।

उनका कहना है कि शासन द्वारा मोबाइल या सिम नहीं दिया गया और उनके निजी मोबाइल से एप डाउनलोड कर उपस्थिति दर्ज करना डेटा चोरी और साइबर क्राइम का खतरा बढ़ाता है।

स्कूल की 4 टीचर को भेजा था नोटिस स्कूल की प्राचार्य ने वरिष्ठ कार्यालय से मिली जानकारी के आधार पर टीचर को नोटिस जारी कर पूछा कि वे “हमारे शिक्षक” एप पर उपस्थिति क्यों नहीं दर्ज कर रहीं, जबकि शासन द्वारा यह अनिवार्य किया गया है। स्कूल की चार शिक्षिकाओं को नोटिस भेजा गया था, जिनमें से तीन ने तकनीकी कारण बताए। 21 अक्टूबर को ज्योति पांडे का जवाब सबसे अलग था।

टीचर ने यह नोट लिखकर स्कूल प्रिंसिपल को भेजा।

शिक्षिका ज्योति पांडे ने जवाब में लिखा,

  • 18 से 23 अक्टूबर तक दीपावली अवकाश होने के कारण उपस्थिति नहीं दर्ज की गई।
  • शासन द्वारा यदि डेटा और साइबर सुरक्षा का कोई आश्वासन या क्षतिपूर्ति नीति नहीं दी गई है, तो किसी थर्ड पार्टी एप को मोबाइल एक्सेस देना संभव नहीं।
  • उनका निजी मोबाइल फोन हर समय साथ नहीं रहता। कई बार उन्हें अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए फोन घर पर छोड़ना पड़ता है।
  • उनके मोबाइल में वही सिम है, जो बैंक खाते और आधार से लिंक है। एप एक्सेस देने पर वित्तीय धोखाधड़ी की संभावना बनती है।
  • यदि शासन द्वारा अलग सिम और मोबाइल फोन दिया जाए, तो उस पर एप उपयोग किया जा सकता है।
  • यह मुद्दा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका के रूप में प्रक्रियाधीन है।

 

ई-अटेंडेंस नहीं लगाने पर स्कूल की चार शिक्षिकाओं को नोटिस भेजा गया था।

शिक्षक संघ ने दिया समर्थन आजाद अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष भरत पटेल ने शिक्षिका के जवाब का समर्थन करते हुए कहा कि यह जवाब पूरी तरह उचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-अटेंडेंस एप के जरिए डेटा चोरी और साइबर फ्रॉड की घटनाएं सामने आई हैं। कई शिक्षकों के बैंक खातों से पैसा निकल चुका है और एप के जरिए अनचाहे कॉल्स भी आते हैं।

पटेल ने सुझाव दिया कि सरकार को एक वैकल्पिक तरीका देना चाहिए, जिससे शिक्षक अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें और किसी के निजी मोबाइल का प्रयोग न करना पड़े।

जिला शिक्षा अधिकारी बोले- नोटिस की जानकारी नहीं जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने कहा, इस नोटिस की मुझे फिलहाल जानकारी नहीं है, लेकिन यह तय है कि शासन के आदेशों का पालन हर हाल में होना चाहिए। ई-अटेंडेंस को लेकर शासन ने नियम बनाए हैं, जिनका अधिकतर शिक्षक पालन कर रहे हैं। इस मामले में जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।

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