हेलमेट पहन विधायक कैलाश कुशवाह ने खाद की लाइन में एक घंटे रहकर पोहरी मंडी की अव्यवस्था उजागर की, पटवारी पर मनमानी टोकन वितरण का आरोप; कलेक्टर को किया शिकायत”

शिवपुरी में विधायक कैलाश कुशवाह किसान बनकर पोहरी कृषि उपज मंडी में खाद लेने के लिए लाइन में लगे। उन्होंने हेलमेट पहन रखा था। करीब एक घंटे तक लाइन में खड़े रहकर टोकन वितरण की स्थिति का जायजा लिया

पोहरी विधायक कुशवाह हेलमेट लगाकर लाइन में लगे थे

विधायक कुशवाह ने बताया कि किसान सुबह 4 बजे से लाइन में लगे थे, लेकिन मौके पर कोई पुलिस बल, तहसीलदार, एसडीएम या अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। किसानों को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा था। पटवारी चेहरा देखकर कूपन बांट रहे थे, जिससे वास्तविक किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहे थे।

खाद वितरण की लाइन में लगे विधायक की तस्वीरें…

विधायक कैलाश कुशवाह इसी लाइन में एक घंटे लगे रहे।

लाइन में लगने के दौरान विधायक (हेलमेट में) को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा।

अव्यवस्था देखकर विधायक नाराज हुए और उन्होंने सीधे कलेक्टर को कॉल कर दिया।

कलेक्टर को फोन कर इंतजामों के बारे में बताया विधायक कुशवाह ने मौके से ही कलेक्टर को फोन कर अव्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं थी। कुछ किसानों को सुबह से 10:30 बजे तक लाइन में लगने के बाद भी कूपन नहीं मिला, जबकि कुछ लोगों को पहले से ही टोकन दे दिए गए थे।

विधायक ने आरोप लगाया कि कई दुकानों पर खाद की बिक्री निर्धारित दर से अधिक दाम पर की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे विक्रेताओं पर कार्रवाई करने और निर्धारित दर पर खाद की बिक्री सुनिश्चित करने की मांग की।

बोले- यहां न अधिकारी हैं, न पुलिस कुशवाह ने कहा, “मैंने खुद किसान बनकर लाइन में लगकर देखा कि यहां न अधिकारी हैं, न पुलिस। किसानों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है। मैंने कलेक्टर साहब से कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने टीआई पोहरी को फोन लगाकर मौके पर बुलाया, जिसके बाद पुलिस पहुंची और हालात को नियंत्रित किया गया।

‘एक घंटे में तीन-चार फीट ही आगे बढ़ पाया’ विधायक कुशवाह ने भास्कर को बताया – काफी समय से किसानों की शिकायत आ रही थी कि 8-10 घंटे लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही। मैं जानना चाहता था कि किसानों के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है। मैं शुक्रवार सुबह सवा 10 बसे किसान बनकर खाद वितरण केंद्र पहुंचा। एक घंटे लाइन में लगा रहा। मैं भले लोगों के साथ लाइन में लगा था। एक घंटे में तीन-चार फीट ही आगे बढ़ पाया। इसका मतलब यह तय हो गया था कि खाद तो मिलना ही नहीं है।

पटवारी अपने चिन्हित लोगों को टोकन दे रहे थे। कुछ तेज थे तो वो ले जाते थे। जो भले थे बेचारे बिना खाद के ही लौट गए। पानी की व्यवस्था भी नहीं थी। सबसे बड़ी बात तो यह कि मैं जब पहुंचा कोई पुलिस नहीं थी, कोई अधिकारी नहीं थी। तहसीलदार मैडम तो पहुंची ही नहीं। एसडीएम और टीआई साहब को मैंने बुलाया।

टीआई बोल रहे थे कि मुझे कोई सूचना नहीं थी। एसडीएम कह रहे थे कि मैंने तहसीलदार को बोल दिया था पुलिस को सूचना देने के लिए। वहां किसानों में धक्का मुक्की हो रही थी। कुछ घायल भी हो गए तो उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। शासन-प्रशासन का कालाबाजारी पर ज्यादा ध्यान है। हमने बार-बार पटवारियों से पूछा कि कितने कट्‌टे आए हैं? लेकिन किसी की आवाज नहीं निकली।

भीड़ ज्यादा थी तो मैंने एसडीएम साहब को बोला कि चार काउंटर लगाइए। कुल मिलाकर किसान को परेशान करना और अपनी जेब भरना है, गरीब किसानों को खाद नहीं मिली।

एसडीएम ने दिया व्यवस्था सुधारने का आश्वासन पोहरी के एसडीएम अनुपम शर्मा ने बताया कि पुलिस बल की अनुपस्थिति के कारण थोड़ी भीड़ और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी थी, लेकिन अब हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे से बेहतर व्यवस्था की जाएगी और जिन किसानों को टोकन नहीं मिला है, उन्हें आगामी तारीखों में टोकन वितरित किए जाएंगे।

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