
सोशल ऑडिट एवं जनसुनवाई से 40 लाख मामले सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए
स्वतंत्र शुक्ला
रीवा। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार को उजागर करने व आम जनता को लाभ पहुंचाने के लिए सूचना का अधिकार हथियार बनता जा रहा है। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पिछले एक साल में आरटीआई से कई ऐतिहासिक निर्णय लेकर अहम बदलाब किए गए। मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयुक्त श्री राहुल सिंह की अध्यक्षता में जिले के सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी व हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा द्वारा सप्ताह में रविवार के दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग का आयोजन कर आम मुद्दे उठाए जाते हैं औऱ विषय विशेषज्ञों द्वारा समाधान के लिए राय साझा की जाती है। इस रविवार को सोशल ऑडिट और जनसुनवाई को लेकर हुई कांफ्रेंस में आंध्र तेलंगाना से सोशल ऑडिट टीम की डायरेक्टर सौम्या किदांबी मुख्य अतिथि के रूप में सहभागी बनी। किदांबी ने बताया कि वर्ष 2010 से लेकर 2018 तक उनकी सोसाइटी लगभग 40 लाख मामले आंध्रा सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए, जिसमें सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के माध्यम से विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं भ्रष्टाचार उजागर किए गए हैं। छोटे से लेकर बड़े अधिकारी राडार में आए और उनके ऊपर कार्यवाही की जा रही है। ज्यादातर लोगों के ऊपर एफ.आई.आर दर्ज हुई तो वही कई अधिकारियों को बर्खास्त किया गया साथ ही निलंबन की कार्यवाही हो रही है। विभागीय जांच बैठने के साथ कोर्ट में प्रकरण भी चल रहे हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर आंध्रप्रदेश एवं तेलंगाना से सोसायटी फॉर सोशल ऑडिट ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी संस्था के डायरेक्टर सौम्या किदांबी ने उपस्थित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता, आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों को संबोधित करते हुए सोशल ऑडिट क्या है, क्यों इसकी आवश्यकता है, कैसे की जाती है, साथ में जनसुनवाई का सामाजिक उत्थान में क्या योगदान होता है, किस प्रकार इसके द्वारा भ्रष्टाचार अनियमितता पर काबू पाते हुए आम नागरिक को उसके अधिकार दिलाए जाएं, कैसे सूचना के अधिकार का प्रयोग कर समाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाई जाए तमाम विषयों पर स्लाइड शो के माध्यम से प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, नई दिल्ली, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तरांचल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से कार्यकर्ता सम्मिलित हुए और अपनी अपनी बातें रखी तथा सोशल ऑडिट और जनसुनवाई को समझे।
बहरहाल कानून के प्रति जागरूक करने की मुहिम गॉव से देशभर में इस तरह से चलना नए भारत के निर्माण में सफ़लतम क़दम सावित होगा। एवं भ्रष्टाचार में सिकंजा कसा जाएगा।