IIT मद्रास में कोरोना का कहर

देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है. हर रोज कोरोना वायरस के नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है. वहीं अब आईआईटी मद्रास में कोरोना विस्फोट हुआ है.आईआईटी मद्रास में कोरोना के करीब 71 मामलों की पुष्टि हुई है और अभी कुछ और मामलों के सामने आने की उम्मीद की जा रही है। 71 में से 66 छात्र कोरोना की चपेट में हैं। कैंपस के 71 लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद लैब, लाइब्रेरी और कई डिपार्टमेंट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

यहां के छात्रों ने केवल एक ही मेस को चलाए जाने के IIT मद्रास के फैसले को बड़े पैमाने पर वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मेस में एक साथ काफी लोग एक बार में इकट्ठा हो जाते हैं, कई बार कुछ मास्क बिना ही आते-जाते हैं और यही वायरस के फैलने का कारण है। कैंपस में कुल 774 छात्र हैं और संक्रमित होने वालों की संख्या सबसे अधिक कृष्णा और यमुना हॉस्टल से सामने आए हैं।

संस्थान ने अपने सभी विभागों को बंद करने का फैसला लिया है और अपने सभी स्टाफ को घर से काम करने को कहा है। अगर किसी को बुखार, सूखी खांसी, गले में दर्द, डायरिया, स्वाद व गंध का न आना जैसे कोई और लक्षण हैं, तो उन्हें डॉक्टरों से परामर्श लेने की सलाह दी गई है। पोस्ट ग्रैजुएट स्टूडेंट्स, रिसर्च स्कॉलर्स और बाकियों को अपने कमरे तक में ही सीमित रहने को कहा गया है, जहां उन्हें खाना उनके कमरे में दिया जाएगा।

IIT मद्रास के मुताबिक, कृष्णा हॉस्टल में 22, यमुना में 20, अलागानंदा में 3, नर्मदा में 3, ताप्ती में 3, कोथावरी में 2, तुंगा में 4, साबरमती में 3, सरस्वती में 5 और गेस्ट हाउस में एक लोग पॉजिटिव मिले हैं। यानी कुल 66 छात्र कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना संक्रमण की शुरुआत 9 तारीख से हुई। इस दिन चार लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। IIT मद्रास के मुताबिक, सभी कोरोना संक्रमितों की हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है।

बता दें कि भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 27,071 नए मामले दर्ज किए और 336 मौतें हुईं, जिससे इस महामारी के कुल मामलों की संख्या बढ़कर सोमवार को 98,84,100 हो गई। जुलाई के बाद से यह दूसरी बार है जब भारत 27,000 मामलों के जोन में आया है। 10 जुलाई को 27,114 नए मामले सामने आए थे। जून के अंत से शुरू होने वाले तेज उछाल और सितंबर में एक दिन में लगभग 98,000 मामलों के के बाद से सिर्फ कभी-कभार ही मामलों में गिरावट आई है।

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