इंदौर के एक युवा इंजीनियर की 9 अगस्त को पुणे में हुई मौत की गुत्थी अभी भी उलझी है। मौत के 3 महीने बाद भी उसके पिता जांच और न्याय का इंतजार कर रहे हैं। सेना से रिटायर्ड सूबेदार मेजर पिता को यकीन है कि उसके बेटे की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या है। पिता आज भी पुलिस की जांच का इंतजार कर रहे हैं ताकि सच सबके सामने आ सके। वहीं पुणे पुलिस मामले में अब तक जांच ही कर रही है
अपने बेटे की मौत की जांच को लेकर भटक रहे हैं पिता।
राऊ इलाके में रहने वाले रिटायर्ड सूबेदार मेजर नंद किशोर झाड़े का बेटा विनय झाड़े (23 वर्ष) एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। उसे पुणे की एक कंपनी में नौकरी मिली थी। वह 9 मई 2025 से पुणे में ही रह रहा था। इस बीच पता चलता है कि उसकी मौत हो गई। पुणे पुलिस ने उसके शव को अज्ञात मानकर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। तभी से नंद किशोर अपने बेटे की मौत की जांच के लिए लगातार भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला। नंद किशोर को टारगेट किलिंग की आशंका है।
मामले में इंदौर पुलिस ने भी पुणे के वरिष्ठ अफसरों तक से गुहार लगाई। लेकिन मौत के पीछे की वजह सामने नहीं आई। अब नंद किशोर ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले कुछ लोग राउ इलाके में उनके घर तक पहुंचे थे। उन्होंने इसकी राउ थाने में इसकी लिखित शिकायत की थी।

सीमा पर सुरक्षा की और खुद न्याय के लिए भटक रहे नंद किशोर ने दुखी होकर बताया कि बेटे की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या की गई है। टारगेट किलिंग है यह। पुलिस से वाकड में संपर्क किया लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिस कंपनी में बेटा का करता था उसी कंपनी के लोगों पर पूरा शक है। हम उस समय अपने बेटे की खोज में पुलिस स्टेशन के चक्कर लगा रहे थे। पुलिस ने हमारे बेटे के शरीर को बिना हमें बताए जला दिया। इसी बीच जब बेटे की तलाश कर रहे थे तब पुलिस ने हमें एक तस्वीर दिखाई। जिसमें विनय के रूप में शव की पहचान की। बाद में पता चला कि बेटे का दो दिन पहले अंतिम संस्कार पुलिस ने ही कर दिया।

पुणे और वाकड कमिश्नर से मिलने के लिए भटके नंद किशोर झाड़े ने बताया कि उन्हें बेटे विनय की मौत को लेकर शंका थी। जिसमें वाकड पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने को लेकर और मौत के कारणों की वजह जानने को लेकर वह काफी भटके। शुरुआत में बेटे की जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने इंदौर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भी मदद मांगी। जिसमें अफसरों से बात कर वहां बेटे की मौत को लेकर जानकारी लगी थी। सोशल मीडिया पर की थी आपत्तिजनक पोस्ट

नंद किशोर ने बताया कि उनका बड़ा बेटा साफ्टवेयर इंजीनियर था। उसने विनय की सोशल मीडिया अकांउट से जानकारी निकाली तो उसमें कई आपत्तिजनक पोस्ट मिली। जो विनय ने की थी। जिसमें धर्म, राजनीति और वर्ग विशेष को लेकर की गई थी। इसमें कई वर्ग विशेष के लड़कों से विनय की बहस हुई। इसे लेकर उन्होंने हत्या को लेकर शंका जाहिर की है। नौकरी के लिए भी आया था कॉल नंद किशोर ने बताया कि इसी साल जीएसआईटीएस कॉलेज से बीटेक किया। उसे पुणे की एक निजी कंपनी से सीधे कॉल आया। यहां से उसने यह खबर उसकी मां और मुझे मोबाइल पर दी। बाद में वह जुलाई में कंपनी में जॉब करने सीधे चले गया। यहां एक रूम किराए पर लिया। परिवार को बाद में जानकारी दी।
नंदकिशोर के मुताबिक उन्होंने जब जानकारी निकाली तो वहां वर्ग विशेष के लड़के ही अधिकतर कंपनी में नौकरी करते हैं। वहीं कंपनी की जानकारी निकाली तो वह भी वर्ग विशेष के व्यक्ति की सामने आई। नदंकिशोर का आरोप है कि उनके बेटे को आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर टारगेट किया गया है

पुणे में कंपनी के लोग पहुंचे थे राऊ, पिता पर भी हमले की कोशिश नंदकिशोर ने बताया कि आखिरी कॉल बेटे के मोबाइल में जिस व्यक्ति का मिला। वह उससे बात करने गए थे। तब उन्होंने पुणे में ही उन्हें धमकी दी ओर उन्हें भी कहा कि वह उसे भी जान से मरवा देंगे। उन्होंने किसी तरह के आरोपों से इनकार किया। बाद में वह लोग ढूंढते हुए इंदौर उनके घर तक आ गए। जिसमें उन्होंने पुलिस को आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद 28 अक्टूबर को नंदकिशोर ने इंदौर पुलिस कमिश्नर को बताया कि घर पर भी कुछ लोगों ने आकर हमले की कोशिश की थी। लेकिन मैं घर पर नहीं था इस वजह से बच गया। नंदकिशोर ने अपने पत्र में लिखा कि यदि उन्हें कुछ हो जाता है महाराष्ट्र पुलिस के अफसर इसके लिए जिम्मेदार होंगे।