इंदौर में 2069 ‘शून्य पते’ वाले वोटर उजागर: मंत्री विजयवर्गीय की विधानसभा सहित कई क्षेत्रों में जीरो एड्रेस एंट्री; कांग्रेस ने फर्जी वोटर बढ़ाने का आरोप लगाया, 20 लाख नए नामों पर सवाल—SIR सर्वे में हजारों बिना पते वाले वोटरों की जांच बड़ी चुनौती

इंदौर में 2069 ऐसे वोटर हैं, जिनके घर का पता ‘शून्य’ है। इनमें से अधिकांश घर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा इंदौर-1 और विधायक महेंद्र हार्डिया की इंदौर-5 में हैं।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से पहले यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इन लोगों को एसआईआर से कैसे मैच किया जाएगा, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकार इन्हें फर्जी वोटर बता रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने शून्य मकानों के प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी मांगने की तैयारी शुरू कर दी है।

इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा-1 के नंदबाग सेक्टर-बी की यह सूची देखिए। इसमें शुरू के दो नामों के आगे घर का पता शून्य लिखा है। दैनिक भास्कर ने इन पतों पर जाकर देखा तो वहां इन नामों का कोई व्यक्ति रहता ही नहीं।

देखिए वो लिस्ट, जिसमें घर के पतों के आगे ‘शून्य’ लिखा है

ये है इंदौर की विधानसभा-1 स्थित नंदबाग के ए-सेक्टर की वोटर लिस्ट का पहला पन्ना। इसमें मकानों के पते शून्य लिखे हैं।

कांग्रेस पार्षद बोलीं- राहुल गांधी से शिकायत करेंगे कांग्रेस की पार्षद रुबिना इकबाल खान ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से फर्जी वोटर का मुद्दा उठा रही है। शून्य पते वाले घर इसी का प्रमाण हैं। ये भारत निर्वाचन आयोग और भाजपा का षडयंत्र है। इसी वजह से भाजपा मध्य प्रदेश ही नहीं कई राज्यों में सरकार बना चुकी है। इसकी शिकायत हम राहुल गांधी जी से करेंगे।

मेरे वार्ड की किसी भी कॉलोनी के किसी भी घर का पता शून्य नहीं है। इस बारे में नगर निगम से भी रिकॉर्ड चेक करवाऊंगी। मैं महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त दिलीप यादव से शिकायत करूंगी कि इन शून्य मकानों का प्रॉपर्टी टैक्स कहां जमा हो रहा है। उसके बारे में हमें जानकारी दें।

फर्जी तरीके से वोटर बढ़ना चिंताजनक है। एसआईआर सर्वे में हम इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे

इंदौर के वार्ड-39 के प्रिंस नगर की यह सूची देखिए। इसमें वोटर्स के घर के पतों के आगे शून्य लिखा है। यहां के रहवासी बताते हैं कि इन नामों के लोग कॉलोनी में रहते ही नहीं।

‘एक साल में 20 लाख फर्जी वोटर जोड़े गए’ एसआईआर में बिना पते के मकान किस तरह से चुनौती बनेंगे और क्या चुनौतियां आएंगी, इसे लेकर दैनिक भास्कर ने आरटीआई एक्टिविस्ट रवि गुरनानी से बात की। गुरनानी ने बताया कि पूरे प्रदेश में जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 के बीच करीब 20 लाख वोटर जोड़े गए। ये वोटर ऐसे हैं, जिनके बारे में निर्वाचन आयोग ने किसी भी तरह का खुलासा करने, उनके नाम सार्वजनिक करने या ऑनलाइन किसी भी तरह का डाटा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था।

ये नाम अब निर्वाचन आयोग के सामने चुनौती बनेंगे। उस समय जिन नामों को गोपनीय रखा गया, उन्हें निर्वाचन आयोग कैसे सामने लाएगा? और बढ़े हुए आंकड़े को कैसे मैच करेगा? ये सबसे बड़ा सवाल है।

 

फर्जी वोट नहीं बढ़ते तो कांग्रेस की सरकार बनती’ कांग्रेस के पूर्व पार्षद दिलीप कौशल का कहना है कि मैं 2018-19 से निर्वाचन आयोग द्वारा की जा रही गड़बड़ी को रोकने के लिए आवाज उठा रहा हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। हमारी टीम एसआईआर सर्वे के दौरान बीएलओ के साथ भी रहेगी। तब वस्तुस्थिति सामने आएगी।

 

प्रिंस कॉलोनी के रहवासी बोले- यहां कोई मकान नंबर शून्य नहीं इंदौर-5 के खजराना इलाके की प्रिंस कॉलोनी में रहने वाले मोहम्मद शब्बीर खान ने कहा कि मैं यहां 1996 से रह रहा हूं, यहां कोई घर ऐसा नहीं है, जिसका मकान नंबर शून्य हो। वहीं अब्दुल वाहिद शेख ने कहा कि मेरा मकान नंबर 23 है, पर यहां एक भी मकान का नंबर शून्य नहीं है।

एक अन्य रहवासी अब्दुल जब्बार ने बताया कि यहां मकानों के नंबर अस्त-व्यस्त ढंग से डाले गए हैं, लेकिन किसी घर का नंबर शून्य हो, ये कैसे संभव है? हमारी कॉलोनी में तो एक भी मकान ऐसा नहीं है। वहीं इलाके की फरीदा बी ने बताया कि मुझे यहां रहते हुए 25 साल से ज्यादा हो गए। कॉलोनी में डेढ़-दो सौ घर होंगे। पूरी कॉलोनी हमारे सामने बसी है। सभी हमें जानते हैं, पर शून्य नंबर का घर होगा, ये तो आपसे ही सुनने को मिल रहा है।

चार पत्रों में समझिए कैसे बढ़े वोट, कांग्रेस ने कहा- ये सब फर्जी वोटर, इनकी जांच जरूरी

पत्र-1 : 5 जनवरी 2023 को निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की सभी विधानसभाओं के मतदाताओं की सूची के बारे में बताया। इसमें बताया गया कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में 53987876 (5 करोड़ 39 लाख 87 हजार 8 सौ 76) वोटर्स हैं।

पत्र-2 : भारत निर्वाचन आयोग ने 25 अप्रैल 2023 को मध्य प्रदेश के कलेक्टरों को पत्र लिखा कि आपके जिले की विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बजाय काफी अधिक संख्या में कम होना पाई गई है। आयोग द्वारा ऐसी विधानसभा क्षेत्रों के बारे में चर्चा की गई। आप अपने स्तर से इन विधानसभा क्षेत्रों में इतने अधिक संख्या में मतदाता कम क्यों हुए, इसके संबंध में कारणों से इस कार्यालय को अवगत कराना सुनिश्चित करें।

पत्र-3 : अगला पत्र भारत निर्वाचन आयोग ने 9 जून 2023 को लिखा। इसमें रेड मार्क में अंग्रेजी में लिखा है कि 30 जून तक प्राप्त सभी आवेदन (फॉर्म 6, 7, 8) अपडेट किए जाएंगे। तीनों घटकों अर्थात नाम जोड़ना, नाम हटाना और नाम संशोधन से युक्त एक अनुपूरक तैयार किया जाएगा। ये अपडेट वेबसाइट पर नहीं डाला जाएगा या किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा।

पत्र-4 : 2 अगस्त 2023 को आयोग ने सूची जारी की। इसमें वोटर्स की संख्या 56057953 (5 करोड़ 60 लाख 57 हजार 953) हो गई। यानी 2,070,077 (20 लाख 70 हजार 77) वोटर्स बढ़ गए। कांग्रेस के पूर्व पार्षद दिलीप कौशल का दावा है कि निर्वाचन आयोग के एक पत्र से 20 लाख वोटर्स बढ़ गए। इनसे कांग्रेस की 27 सीटें प्रभावित हुईं। इस वजह से भाजपा की सरकार बनी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *