इंदौर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (MGM) में रैगिंग का एक और मामला सामने आया है। MBBS प्रथम वर्ष (बैच 2025) के छात्रों ने UGC नेशनल एंटी-रैगिंग सेल में शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें आरोप लगाया है कि 2024 बैच के सीनियर छात्रों ने उन्हें मारपीट, गाली-गलौज, शराब-सिगरेट के लिए मजबूर करने, डराने-धमकाने और घंटों तक बंधक बनाकर रखने जैसी हरकतों का शिकार बनाया। इधर, मामले में डॉ. अरविंद घनघोरिया ने 4 सीनियर स्टूडेंट्स को एक माह के लिए सस्पेंड कर दिया है
18 नवंबर को दर्ज कराई थी शिकायत दरअसल, छात्रों ने UGC में शिकायत 18 नवंबर को दर्ज कराई थी। 19 नवंबर को मामला एमजीएम कॉलेज प्रबंधन के पास पहुंचा। 20 नवंबर (गुरुवार) को मामले की जानकारी मिलने के बाद एंटी-रैगिंग सेल की बैठक हुई।
यह घटना उस कॉलेज में हुई है जो पिछले दो वर्षों से लगातार रैगिंग विवादों से घिरा रहा है। बार-बार कार्रवाई के बाद भी कैंपस में रैगिंग की संस्कृति का बने रहना संस्थान की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहा है।

फ्लैट पर बुलाकर मारपीट, जबरन सिगरेट-शराब पिलाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, सीनियर छात्रों ने फ्रेशर्स को एक निजी फ्लैट पर बुलाया, जहां उनके साथ मारपीट, अपमानजनक व्यवहार किया गया और उन्हें सिगरेट-शराब पीने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों ने दावा किया कि उन्हें करीब तीन घंटे तक वहीं रोके रखा गया और जाने नहीं दिया गया।
पीड़ित छात्रों का कहना है कि वे घटना के बाद से डरे हुए हैं, तनाव में हैं और सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। शिकायत में यह भी आरोप है कि उन्हीं के बैच का एक छात्र सीनियरों का संदेश पहुंचाने और उन्हें फ्लैट पर बुलाने का काम कर रहा था, जिससे छात्र जाल में फंस गए।

UGC एंटी-रैगिंग सेल ने नोटिस जारी किया
शिकायत मिलते ही UGC एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने MGM मेडिकल कॉलेज को नोटिस जारी करते हुए कहा-
- पीड़ित की पहचान कर उसकी काउंसलिंग की जाए।
- उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जांच शुरू कर रिपोर्ट भेजी जाए। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाए।
हाल ही में PG छात्रा का ब्रेकडाउन कुछ सप्ताह पहले, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की एक PG डॉक्टर ने सीनियर रेजिडेंट्स पर मानसिक प्रताड़ना, झूठे आरोप, डराने-धमकाने और अतिरिक्त नाइट ड्यूटी कराने के गंभीर आरोप लगाए थे। चार महीनों में उनका 22 किलो वजन कम हो गया, उन्हें MY अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और बाद में घर भेज दिया गया।
शारीरिक प्रताड़ना के मामले इसके पहले भी कई छात्रों ने शिकायत की थी कि सीनियर उन्हें थप्पड़ मारते हैं, घंटों स्क्वॉट्स करवाते हैं, सज़ा के तौर पर पुश-अप्स लगवाते हैं, और मानसिक रूप से परेशान करते हैं। ऐसा करते हुए सीनियर यह ध्यान रखते हैं कि शरीर पर कोई निशान न पड़े।
11 छात्र सस्पेंड और गिरफ्तार दिसंबर 2024 में कॉलेज ने 11 छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित किया था। स्क्रीनशॉट, ऑडियो क्लिप और चैट लॉग्स के आधार पर रैगिंग साबित हुई थी। बाद में पुलिस ने कई छात्रों को IPC की धाराओं में गिरफ्तार किया था।
UG छात्रों की पुरानी अनदेखी पहले भी कई UG छात्रों ने डर, दबाव, धमकी और अपमान की शिकायतें की थीं, लेकिन ज्यादातर शिकायतें दबा दी गईं क्योंकि छात्र रिटैलिएशन से डरते थे। इन सभी घटनाओं से स्पष्ट है कि MGM में रैगिंग कोई की पहली घटना नहीं, बल्कि गहराई तक जमी हुई समस्या है, जिसे संस्थान अब तक रोक नहीं पाया है।
हम असुरक्षित महसूस कर रहे फ्रेशर्स का कहना है कि वे क्लासेज और हॉस्टल में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे। उन्होंने शिकायत में लिखा- कृपया हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करें और कार्रवाई करे